श्रमदान से बदली पोपटी गांव की तस्वीर।
नवांकुर संस्था और जन आस्था सेवा समिति ने चलाया स्वच्छता अभियान। ग्रामीणों और प्रस्फुटन समिति सदस्यों ने मिलकर किया श्रमदान।

बैतूल। ग्राम पोपटी में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर नवांकुर संस्था और जन आस्था सेवा समिति घोघरा द्वारा गांव के प्रमुख जल स्रोत, बड़े पानी के कुंड की साफ-सफाई कर सराहनीय पहल की गई। लंबे समय से उपेक्षित इस कुंड में गंदगी और जलकुंभी जमा हो गई थी, जिसे सामूहिक श्रमदान के माध्यम से साफ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रस्फुटन समितियों के सदस्यों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर कुंड की सफाई की। लोगों ने पानी में उतरी गंदगी, कचरा और उगी वनस्पतियों को हटाया, जिससे कुंड की स्थिति में स्पष्ट सुधार दिखाई दिया। इस अभियान में गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
आयोजकों ने बताया कि गांव का यह कुंड जल संचयन का महत्वपूर्ण स्रोत है, लेकिन समय पर देखरेख न होने से इसकी उपयोगिता कम हो रही थी। सफाई अभियान के माध्यम से इसे पुनः उपयोगी बनाने और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से गांव का पर्यावरण बेहतर होता है, बीमारियों के खतरे में भी कमी आती है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखने और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया।




