Dr. Feminaz Akhtar Khan gets PhD on rights of Muslim women: मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर डॉ. फेमिनाज़ अख्तर खान को मिली पीएचडी

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार अधिनियम पर शोध कर रचा कीर्तिमान


बैतूल। मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के प्रावधानों और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों पर गहन विश्लेषणात्मक अध्ययन के लिए डॉ. फेमिनाज़ अख्तर खान पिता ताज मोहम्मद खान को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से विधि विषय में पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. फेमिनाज़ अख्तर खान ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से एलएलएम (क्रिमिनल लॉ) की उपाधि प्राप्त की है। वे वर्ष 2024 में यूजीसी नेट परीक्षा तथा वर्ष 2023 में एमपी सेट परीक्षा उत्तीर्ण कर चुकी हैं।
वर्ष 2019 में उन्होंने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल के विधि संकाय में पीएचडी के लिए पंजीयन कराया और मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम 2019 के प्रावधान एवं मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन विषय पर शोध कार्य पूर्ण किया। इस शोध में उन्होंने मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों की व्याख्या करते हुए विधिक पहलुओं को गहराई से उजागर किया।
इस शोध निर्देशन का कार्य प्रोफेसर डॉ.संजूष सिंह भदौरिया के प्राचार्य, राजीव गांधी विधि महाविद्यालय भोपाल। और डॉ.मोना पुरोहित विभाग अध्यक्ष एवं प्रिंसिपल विधि बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के मार्गदर्शन में यह अध्ययन विधिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण निष्कर्षों तक पहुंचा, जिसकी विश्वविद्यालय द्वारा सराहना की गई।

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