पंच परिवर्तन पदयात्रा अंतिम चरण में, एक यात्रा शेष . छह माह से हर मंगलवार निकल रही आध्यात्मिक जनजागरण यात्रा

बैतूल। गौ ग्राम संस्कृति संरक्षण समिति रानीपुर के तत्वावधान में पूज्य तपस्वी संत श्री श्री 1008 निक्कूदास महाराज की तपस्थली से प्रारंभ हुई पंच परिवर्तन पदयात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। यह यात्रा अश्विन शुक्ल अष्टमी 30 सितंबर 2025 से प्रारंभ होकर चैत्र कृष्ण चतुर्दशी 17 मार्च 2026 तक प्रत्येक मंगलवार नियमित रूप से आयोजित होगी।
करीब 40 किलोमीटर की इस आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत रानीपुर स्थित बाबा जी की तपस्थली से होकर कुही, भोपाली, डंगवा, जामखोदर, बैलूड और बोरी गांवों से गुजरते हुए माता रानी के छावल धाम तक होती रही। लगभग छह माह से निरंतर चल रही इस पदयात्रा को श्रद्धालु भक्ति, साहस, समर्पण और त्याग के अद्भुत संगम के रूप में देख रहे हैं।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, युवा और मातृशक्ति उत्साहपूर्वक शामिल होते रहे। अब पदयात्रा की केवल एक अंतिम यात्रा शेष है, जिसके बाद इसका भव्य समापन किया जाएगा।
आज की पदयात्रा के दौरान गिरी महाराज, दीपक महाराज, मंजीत तथा प्रदीप नागवंशी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह पदयात्रा समाज में जागरण और आध्यात्मिक चेतना का अभियान है। उन्होंने धर्मप्रेमी नागरिकों से अंतिम पदयात्रा और समापन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आयोजन को सफल बनाने की अपील की।




