अवतरण दिवस पर तेज आंधी में भी जलती रही मुख्य ज्योत।

भक्तों ने माना चमत्कार। वटवृक्ष की परिक्रमा से मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता।

बैतूल। संत श्री आशारामजी बापू के अवतरण दिवस पर बुधवार को चिखलार स्थित आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। श्री योग वेदांत सेवा समिति बैतूल द्वारा आयोजित कार्यक्रम के बाद दोपहर में अचानक तेज आंधी और हवा चली, जिससे आसपास रखे अधिकांश दीप बुझ गए, लेकिन मुख्य ज्योत लगातार प्रज्वलित रही।

समिति के संरक्षक राजेश मदान के साथ मौजूद साधक किशोरीलाल झरबडे व प्रवीण माने सहित अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज हवा के बावजूद मुख्य ज्योत की लौ स्थिर रही और अधिक तेज दिखाई देने लगी। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए प्रार्थना की और इसे गुरु कृपा का चमत्कार बताया।

जानकारी के अनुसार, अखंड ज्योत दोपहर 12 बजे प्रज्वलित की गई थी, जो कार्यक्रम समाप्ति तक जलती रही। श्रद्धालुओं का कहना है कि सच्ची श्रद्धा से ऐसे चमत्कारिक अनुभव होते हैं। आश्रम परिसर में संत श्री आशारामजी बापू द्वारा शक्तिपात किए सिद्ध वटवृक्ष की सात परिक्रमा कर कुछ देर शांत बैठने से मनोकामना पूर्ण होने की भी मान्यता है।

कार्यक्रम में सत्संग, भजन और भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्तों और जरूरतमंदों ने भाग लिया। अंत में विश्व शांति और मानव कल्याण की प्रार्थना के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

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