जनगणना में ओबीसी श्रेणी शामिल करने की मांग को लेकर ओबीसी मोर्चा ने दिया धरना, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।

बैतूल। जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए पृथक श्रेणी का प्रावधान नहीं किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने शुक्रवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जनगणना में ओबीसी के आंकड़े अलग से दर्ज करने तथा जातिगत गणना सुनिश्चित करने की मांग की गई।
मोर्चा पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) के दौरान परिवारों की श्रेणी दर्ज करने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य के विकल्प दिए गए हैं, लेकिन ओबीसी के लिए अलग विकल्प उपलब्ध नहीं है। संगठन का आरोप है कि इससे ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन नहीं हो सकेगा। उन्होंने मांग की कि हाउस लिस्टिंग फॉर्म में ओबीसी के लिए पृथक विकल्प जोड़ा जाए, ताकि इस वर्ग के आंकड़े अलग से संकलित किए जा सकें।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है और इसके लिए एचएलओ एप का उपयोग किया जा रहा है। संगठन ने मांग की कि जनगणना में एकत्रित आंकड़ों के भौतिक सत्यापन की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे आंकड़ों की विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बताया कि यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। पहले चरण में देशभर में ज्ञापन सौंपे गए थे, दूसरे चरण में 5 जून को राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जबकि तीसरे चरण में 22 जून को राष्ट्रव्यापी रैली और प्रदर्शन प्रस्तावित है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष हंसराज यादव, गोलू यादव, राजू, रामू यादव, सुखराम निरापूरे सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।




