Bhagwat Geeta:मनुष्यों की सभी शंकाओं का समाधान करने वाला अनुपम ग्रंथ है गीता: चौहान
लाइफ मैनेजमेंट को सिखाती है गीता: माकोडे

आठनेर। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के निर्देशन में नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सावंगी के द्वारा गीता जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्रीमद्भगवद्गीता को सिर पर रखकर डिंडी के साथ भव्य रैली निकालने से हुई। यह रैली पूरे गांव में निकाली गई, जिसमें ग्रामवासियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
रैली के दौरान ग्राम में जगह-जगह श्रीमद्भगवद्गीता की आरती और पूजन किया गया। रैली का समापन गायत्री मंदिर में हुआ, जहां सभी ने गीता के बारहवें अध्याय का सामूहिक पाठ किया। इसके बाद भागवत भगवान की आरती की गई।
मुख्य वक्ता परामर्शदाता आशुतोष सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को कुरुक्षेत्र के युद्धभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था। गीता में सात सौ श्लोक हैं और यह भीष्म पर्व के अंतर्गत आती है। उन्होंने बताया कि गीता मानव जीवन की हर शंका का समाधान करने वाला अनुपम ग्रंथ है।
नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सावंगी के अध्यक्ष दिनेश माकोड़े ने कहा कि गीता मानव जीवन को व्यावहारिक स्वरूप से जोड़ती है और आत्मविश्वास के साथ जीने की प्रेरणा देती है। गीता विश्व की सर्वाधिक भाषाओं में प्रकाशित होने वाला एकमात्र ग्रंथ है।
कार्यक्रम में गणपतराव बोहरपी, रघुनाथ दवंडे, संजय अडलक, प्रयाग अडलक, तुलसीराम कोसे, बापूजी गावंडे, हेमलता दवंडे, अश्विनी माकोड़े, आकाश पाटिल, लक्खू सराटकर सहित बड़ी संख्या में सीएमसीएलडीपी छात्र-छात्राएं एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।।कार्यक्रम का समापन गीता के उपदेशों को जीवन में अपनाने के संकल्प और प्रसादी वितरण के साथ हुआ।




