महिलाओं ने भोलेनाथ को लगाई मेहंदी, कल गजराज पर विराजित होकर निकलेंगे शिव
इंडियन आईडल - 6 के कलाकार देबू जीत चक्रवर्ती, खंडवा के सुप्रसिद्ध गायक सतीश बाथम देंगे भजनों की प्रस्तुति

बैतूल। आदि अनादि देव भगवान शिव के विवाह का पर्व महाशिवरात्रि शुक्रवार 8 मार्च को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि को लेकर थाना महाकाल चौक के शिवालय में विभिन्न वैवाहिक आयोजन किए जा रहे हैं। शिव विवाह को लेकर बुधवार 6 मार्च को महिलाओं ने भोलेबाबा को मेहंदी लगाई। इस अवसर पर महिलाओं ने विवाह मेहंदी के गीत भी गाए। भगवान शिव को मेहंदी लगाने के बाद मंदिर में आई महिला श्रद्धालुओं ने खुद भी एक दूसरे को मेहंदी लगाकर शिव भोले के विवाह का आनंद उठाया।
शिव विवाह आयोजन के तहत आज गुरुवार 7 मार्च को रात्रि में संगीत उत्सव के तहत विशाल देवी जागरण का आयोजन होगा। मां कालका देवी जागरण के द्वारा भव्य आकर्षक झांकियों के साथ एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। इस देवी जागरण में इंडियन आईडल – 6 के कलाकार देबू जीत चक्रवर्ती, खंडवा के सुप्रसिद्ध गायक सतीश बाथम भजनों की प्रस्तुति देंगे।महाशिवरात्रि और शिव बारात को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह बना हुआ है। थाना महाकाल चौक कोठी बाजार स्थित शिवालय में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की जोरदार तैयारियां की गई हैं। विवाह में होने वाले सभी तरह के रीति-रिवाज और रस्मों को पूरा किया जा रहा है। विगत 1 मार्च को महादेव की सगाई से शुरू हुआ यह विवाह महोत्सव महाशिवरात्रि तक चलेगा। टीका, मंडप एवं हल्दी की रस्म के बाद बुधवार विवाह उत्सव के छठवें दिन शिवालय में मेहंदी रस्म हुई। महिलाओं द्वारा रात्रि 8 बजे से मेहंदी कार्यक्रम रखा गया था। सभी महिलाएं पारंपरिक परिधान में शिवालय में एकत्रित हुई, मंगल गीत गाते हुए महिलाओं ने बाबा को मेहंदी लगाई। बाबा का आकर्षक श्रंगार भी किया गया। कल शुक्रवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर महादेव की शाही बारात निकाली जाएगी। भोलेनाथ गजराज पर विराजित होकर नगर भ्रमण को निकलेंगे। बारात का आयोजन उज्जैन के महाकाल बाबा की तरह होगा। श्री शंभू भोले उत्सव सेवा समिति द्वारा शिव बारात का आयोजन किया जाएगा।
— शिव विवाह की तैयारियां पूर्ण–
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव पार्वती माता के साथ ब्याह रचाने निकलेंगे। महाशिवरात्रि पर शिव लीला पर झांकी सजाने की भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। विवाह को लेकर शिवालय में विद्युत साज-सज्जा की जा रही है। समिति ने बताया कि विवाह प्रतीकात्मक है, जिसमें स्वयं देवाधिदेव महादेव दूल्हा बनेंगे, आप और हम बाराती बनेगें, समस्त भूत-प्रेत एवं देवी-देवता सम्मिलित होंगे। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव व मां पार्वती दाम्पत्य सूत्र में बंधे थे। लोक परम्परा के तहत ही भगवान भोलेनाथ की शादी की सभी रस्में भी पूरी की जा रही हैं। समिति ने सभी धर्म प्रेमी जनता से अपील की है कि सभी भगवान शिव की इस बारात में सम्मिलित होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
— दत्त मंदिर समिति ने लगाया 56 भोग —
मंगलवार को हल्दी रस्म के अवसर पर दत्त मंदिर समिति की महिलाओं ने मराठी में महाकाल की आरती गाकर पूजा अर्चना की। इसके बाद बाबा महाकाल को 56 प्रकार का भोग लगाया गया। दत्त मंदिर समिति की आभा सीते, रिंकी डांगी, मंजू अग्निहोत्री, मनीषा पात्रीकर, छाया अग्निहोत्री, प्रांजलि तरहालकर, वर्षा उमप, गायत्री पिपरेवाल, अपर्णा पागे आदि महिलाओं ने हल्दी कार्यक्रम में शामिल होकर मराठी में महाकाल की आरती की। साथ ही हल्दी कार्यक्रम में भी शिरकत की।




