बैतूल में सहायक प्राध्यापक परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए हुआ मॉक इंटरव्यू।

सार्थक पहल बदलाव हमसे है संस्थान में 6 प्रतिभागियों ने दिया साक्षात्कार

बैतूल। सहायक प्राध्यापक परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए बैतूल स्थित सार्थक पहल- बदलाव हमसे है निशुल्क संस्थान में मॉक इंटरव्यू का आयोजन किया गया। संस्थान पिछले 6 वर्षों से मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की निशुल्क तैयारी करवा रहा है।

मॉक इंटरव्यू में इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और जूलॉजी विषयों के अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए गए, जिसमें कुल 6 प्रतिभागियों ने भाग लेकर अपना मॉक इंटरव्यू दिया। इंटरव्यू बोर्ड में प्रोफेसर शंकर सतनकर, डॉ. सुखदेव डोंगरे, डॉ. रजनी मर्सकोले और डॉ. भोजराज झरबडे बोर्ड मेंबर के रूप में उपस्थित रहे। बोर्ड सदस्यों ने अभ्यर्थियों से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उन्हें वास्तविक साक्षात्कार प्रक्रिया का अनुभव कराया और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

संस्थान की सहसंयोजक श्रीमती सरोज सातनकर ने बताया कि सार्थक पहल बदलाव हमसे है संस्थान में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9:30 बजे तक मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाएं संचालित होती हैं। यहां छात्र नियमित रूप से बैठकर अध्ययन कर सकते हैं। संस्थान में स्मार्ट क्लास, निशुल्क वाई-फाई जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं ली जाती है।

सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. सुखदेव डोंगरे ने बताया कि वे पिछले 6 वर्षों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं और यहां से पढ़कर कई विद्यार्थी विभिन्न पदों पर चयनित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मॉक इंटरव्यू अभ्यर्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं और बैतूल में भोपाल तथा इंदौर जैसे बड़े शहरों में मिलने वाली सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. रजनी मर्सकोले ने बताया कि वे पिछले 4 वर्षों से इस संस्थान से जुड़ी हुई हैं और वर्तमान में उनका चयन लाइब्रेरियन पद पर हुआ है। मॉक इंटरव्यू में बसंत पाटिल बालाघाट, डॉ. अजय चौबे घोड़ाडोंगरी, प्रकाश परते, योगेश धुर्वे, कलावती हारौड़े और निलेश पाटील बैतूल ने भाग लेकर साक्षात्कार दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार की तैयारी कराना और उनका आत्मविश्वास बढ़ाना रहा। संस्थान द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार के मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

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