देवी भागवत कथा के प्रथम दिन परोपकार और भक्ति का दिया संदेश।
विकास नगर आठनेर में श्रद्धा और भक्ति के साथ शुरू हुई देवी भागवत कथा।

आठनेर। विकास नगर स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित देवी भागवत कथा के प्रथम दिन कथा वाचक सुश्री नित्या किशोरी शर्मा ने श्रद्धालुओं को परोपकार, भक्ति और मानव सेवा का संदेश दिया। कथा में बताया गया कि मनुष्य को सदैव दूसरों का भला करना चाहिए और भगवान की भक्ति में जीवन समर्पित करना चाहिए।
कथा के दौरान मां भगवती को सभी देवियों में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए उनकी महिमा का वर्णन किया गया। कथा वाचक ने कहा कि सच्ची भक्ति वही है, जिसमें सेवा, दया और परोपकार का भाव हो। कथा सुनने बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे वातावरण में भक्तिमय माहौल बना रहा।
प्रथम दिवस पर स्यमंतक मणि का प्रसंग भी सुनाया गया। कथा में बताया गया कि एक व्यक्ति के पास ऐसी मणि थी, जो प्रतिदिन एक मन सोना उत्पन्न करती थी। भगवान द्वारकाधीश ने जब वह मणि मांगी तो सत्राजित ने उसे अपने भाई को देकर जंगल भेज दिया। इस प्रसंग के माध्यम से लोभ, अहंकार और मोह से दूर रहने की सीख दी गई।
कथा आयोजन कान्हा की मुरली ग्रुप द्वारा किया जा रहा है। आयोजन में श्रद्धालुओं की लगातार सहभागिता बनी हुई है।




