सीमांकन विवाद में आदिवासी किसान ने पटवारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, जनसुनवाई में की शिकायत।

दो माह पहले मशीन से हुआ सीमांकन नकारा, 11 फीट भूमि खिसकाने का आरोप । दीवार तोड़ने की कार्रवाई से गांव में तनाव, कलेक्टर से जांच की मांग । खसरा नंबर 117/1 की जमीन पर विवाद, राजस्व अमले पर मिलीभगत के आरोप।

बैतूल। ग्राम सेन्दूरजना (चांदबेहड़ा) में सीमांकन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। खसरा नंबर 117/1 की भूमि को लेकर एक आदिवासी किसान ने पटवारी पर खुलेआम भ्रष्टाचार और मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। दो माह पहले मशीन से कराए गए सीमांकन को नकारते हुए 11 फीट भूमि खिसकाने और बनी हुई दीवार तोड़ने की कार्रवाई से गांव में तनाव की स्थिति बन गई है। मामले को लेकर जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कर कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायत में 60 वर्षीय केशवराम इंगरे ने पटवारी नारायण उइके पर यह आरोप लगाया कि दो माह पहले मशीन से किए गए सीमांकन को जानबूझकर नकारते हुए मिलीभगत कर 11 फीट भूमि खिसकाई गई और आवेदक की बनाई दीवार तोड़ने की कार्रवाई की गई।

भददू ने बताया कि वे स्थायी रूप से सेन्दूरजना (चांदबेहड़ा) के निवासी हैं और अनावेदक केशवराम इंगरे उनके पड़ोसी हैं। विवाद ग्राम सेन्दूरजना के खसरा नंबर 117/1, रकबा 0.42 आरे भूमि को लेकर है। शिकायत के अनुसार भू-अभिलेख ऋण पुस्तिका के आधार पर उनकी भूमि पूर्व-पश्चिम दिशा में स्थित है, उत्तर में शेष बाड़ी और दक्षिण में मुख्य सीमेंट रोड है।

आवेदक ने बताया कि लगभग दो माह पूर्व दिसंबर में उन्होंने पूर्व दिशा स्थित अपने मकान के सीमांकन के लिए पटवारी नारायण उइके को आवेदन दिया था। उस समय मशीन से विधिवत सीमांकन कराया गया, जिसमें पश्चिम दिशा स्थित केशवराम इंगरे के मकान से 1.5 फीट दूरी तक भूमि उनकी पाई गई थी। इसके बाद आवेदक ने सीमांकन अनुसार दीवार भी बना ली थी।

शिकायत में आरोप है कि हाल ही में मात्र नोटिस देकर पुनः सीमांकन कराया गया, जिसमें पूर्व में मशीन से हुए सीमांकन को नकारते हुए 11 फीट भूमि पूर्व दिशा में खिसका दी गई। भददू पिता दमजी कुमरे ने आरोप लगाया है कि पटवारी नारायण उइके और केशवराम इंगरे के बीच सांठगांठ कर उनकी भूमि कम दर्शाई गई और पूर्व में बनी दीवार को पटवारी एवं आरआई द्वारा तोड़ने की कार्रवाई की गई।

आवेदक ने जनसुनवाई में कहा है कि इस कार्रवाई से गांव सेन्दूरजना में रोष और असंतोष की स्थिति है तथा अप्रिय आपराधिक घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने अनावेदक पटवारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक और विधि अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत करने वालों में ग्राम सेन्दूरजना (चांदबेहड़ा) एवं ग्राम खोखरा के निवासी राजेंद्र नागले, हरिशंकर मालवीय, संतोष रावते, भददू कुमरे, बाजीराम यादव, जड्डू कुमरे, नंदु कुमरे, आंटू कुमरे, सुभाष कुमरे, तुलसीराम बुधु कुमरे, संदीप राठौर, भैय्यालाल कुमरे और सद्दो बाई कुमरे शामिल है।

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