जलकर के नाम 5 प्रतिशत मासिक दंड जोड़कर हजारों की एकमुश्त वसूली का आरोप।
अनियमित जलप्रदाय के बीच उपभोक्ताओं पर पूरा बिल और दंड का दबाव। जनपद पंचायत आमला की ग्राम पंचायत जम्बाड़ा का मामला।

बैतूल। ग्राम जम्बाड़ा में सप्ताह में केवल 20 से 25 मिनट जलप्रदाय होने के बावजूद उपभोक्ताओं से 80 रुपये प्रतिमाह का पूरा बिल वसूलने और उस पर अतिरिक्त दंड भी जोड़ा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। जलकर वसूली और अनियमित जलप्रदाय को लेकर ग्राम जम्बाड़ा निवासी परमानंद चंदेल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बैतूल, सरपंच ग्राम पंचायत जम्बाड़ा और सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया है कि वे जलकर का भुगतान करना चाहते हैं, लेकिन अत्यधिक अधिभार और पर्याप्त जलप्रदाय न मिलने के कारण वे दंड राशि देने में सक्षम नहीं हैं।
आवेदक ने बताया कि ग्राम पंचायत द्वारा मासिक दर से जलकर लेने से मना कर दिया गया है और पुराने कथित बकाया पर हर माह 5 प्रतिशत दंड जोड़ते हुए हजारों रुपये एकमुश्त जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में दिए गए आवेदनों पर कोई निराकरण नहीं किया गया और बिना समाधान के लगातार दंड बढ़ाया जाता रहा।
परमानंद चंदेल के अनुसार गांव में पानी की टंकी और 24 घंटे विद्युत उपलब्ध होने के बावजूद सप्ताह में केवल एक-दो दिन ही अनियमित रूप से 20 से 25 मिनट जलप्रदाय किया जाता है, जबकि 80 रुपये प्रतिमाह का पूरा बिल और उस पर दंड वसूला जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि पिता की मृत्यु 7 जनवरी 2012 के बाद उन्होंने एक वर्ष तक नियमित बिल जमा किया, फिर 7 जनवरी 2013 को जलप्रदाय बंद करने और कनेक्शन विच्छेदित करने का आवेदन दिया, लेकिन सितंबर 2021 तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई और बीच के लगभग 7 वर्षों तक कनेक्शन की स्थिति अस्पष्ट रही, जबकि बकाया बढ़ता गया।
आवेदक ने मांग की है कि मामले को लोक अदालत अथवा सक्षम स्तर पर ले जाकर बिना अधिभार, वास्तविक उपयोगिता के आधार पर संशोधित बिल दिया जाए और उन्हें प्रतिमाह राशि जमा करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह भी निवेदन किया है कि मामले का निराकरण होने तक उन्हें मासिक जलकर जमा करने दिया जाए।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत में उन्होंने नल जल योजना के तहत कनेक्शन नहीं मिलने और पानी के लिए दूर-दूर से लाने की मजबूरी का भी उल्लेख किया है।




