Uproar over the omission of the name of a female public representative from the inscription: महिला जनप्रतिनिधि का शिलालेख से नाम गायब करने पर हंगामा

चिचोली में शिक्षा अधिकारी पर महिला जनप्रतिनिधि से अभद्रता के आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन 

चिचोली। जनपद पंचायत चिचोली में नए सीनियर बालक छात्रावास के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान महिला जनप्रतिनिधि के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार और शिलालेख से उनका नाम हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर जनपद के कई जनप्रतिनिधियों ने बैतूल कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है। इस प्रकरण में विधायक ने भी नाराजगी व्यक्त की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जनपद पंचायत चिचोली के नवनिर्मित सीनियर बालक छात्रावास के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान लगाए गए शिलालेख (शिलान्यास पत्थर) पर स्थानीय निर्वाचित शिक्षा समिति सभापति एवं जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता बारस्कर का नाम जानबूझकर नहीं लिखा गया। यह कार्य एक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि का खुला अपमान है।

ज्ञापन के अनुसार जब श्रीमती सुनीता बारस्कर ने इस संबंध में आपत्ति दर्ज कर अपनी बात रखनी चाही तो उपस्थित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दीपक महाले ने अमर्यादित व्यवहार किया। उन्होंने श्रीमती बारस्कर से कहा, आपने मुझे नौकरी नहीं दी है, इसलिए आप मेरा कुछ नहीं कर सकतीं। जनप्रतिनिधियों ने इसे एक महिला जनप्रतिनिधि के प्रति असंवेदनशील, और अपमानजनक भाषा बताया है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य और जनपद सदस्यों को आमंत्रित नहीं किया गया, जिससे लोकतांत्रिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि बीईओ के व्यवहार की जांच कर उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, साथ ही शिलालेख को संशोधित कर उसमें तत्काल श्रीमती सुनीता बारस्कर का नाम जोड़ा जाए। इसके अलावा, भविष्य में किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करने की व्यवस्था की जाए।

ज्ञापन देने वालों में सुभाष सिंह ठाकुर भाजपा जनपद पंचायत सदस्य, श्रीमती रामवती जामने, श्रीमती सुनीता बारस्कर, श्रीमती प्रेमलता करोचे, सुनील करोचे, श्रीमती प्रेमलता धुर्वे, रुपेश आर्य, पवन परते, श्री विजय कुमार आर्य, श्रीमती सुमन बिहारे सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक शिक्षा अधिकारी पिछले 12 वर्षों से चिचोली में ही पदस्थ हैं। वे पहले सीएम राइस स्कूल से जुड़े रहे और वर्तमान में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। उन पर यह भी आरोप लगाया गया है कि वे दो पदों की जिम्मेदारी एक साथ निभा रहे हैं और अपनी राजनीतिक पकड़ के कारण उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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