Ashwagandha production: बैतूल बनेगा अश्वगंधा उत्पादन का हब
बैठक में देवारण्य योजना को मिली नई दिशा

Ashwagandha: बैतूल। देवारण्य योजना के तहत बैतूल जिले में औषधि उत्पादन को लेकर बड़ी पहल की गई है। आयुष अधिकारी डॉ. योगेश चौकीकर ने बताया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्राप्त निर्देशानुसार 30 अगस्त को जिला आयुष अधिकारी कार्यालय में अहम बैठक हुई। इस बैठक में एक जिला एक औषधि उत्पाद पर मंथन करते हुए अश्वगंधा को जिले का मुख्य औषधीय पौधा चुनने का निर्णय लिया गया।
इस बैठक में जिला योजना अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग के उपसंचालक, कृषि विभाग के उपसंचालक, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग, वन विभाग के विशेषज्ञ, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक और खंजनपुर के ऑर्गेनिक किसान नितेश जायसवाल मौजूद थे।
बैठक में अश्वगंधा के साथ स्टिविया, ऐलोवेरा, आंवला, और नागरमोथा जैसे औषधीय पौधों पर भी चर्चा की गई, परन्तु सर्वसम्मति से अश्वगंधा को जिले के औषधि उत्पादन का आधार बनाने का सुझाव दिया गया।



