मंदिर की संपत्ति हड़पने के मामले में पूर्व सचिव के खिलाफ गुप्तेश्वर समिति ने थाने में की शिकायत, कार्रवाई की मांग।
दस्तावेज, जनरेटर और साउंड सिस्टम को लेकर बड़ा विवाद, समिति अध्यक्ष ने खोला पूरा मामला।

बैतूल। आठनेर में चौरयागढ़ गुप्तेश्वर समिति से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समिति के भीतर के विवाद को सीधे थाने तक पहुंचा दिया है। भोला मंडल चौरयागढ़ गुप्तेश्वर समिति के अध्यक्ष रवि अडलक ने थाना प्रभारी आठनेर को लिखित आवेदन देकर पूर्व सचिव पर समिति के दस्तावेज और सामान अपने कब्जे में रखने का गंभीर आरोप लगाया है और दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
रवि अडलक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वे ग्राम आठनेर, तहसील आठनेर के स्थायी निवासी हैं और वर्तमान में समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि संजय गलफट पहले समिति के सचिव रह चुके हैं, उनके पास आज भी समिति का पूरा लेखा-जोखा और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं। अध्यक्ष का कहना है कि समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों ने कई बार संजय गलफट से दस्तावेज वापस मांगे, लेकिन हर बार दस्तावेज देने से मना कर दिया गया।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस पूरे मामले को गांव के प्रमुख गणमान्य लोगों के सामने भी रखा गया था। गांव में बैठक कर संजय गलफट से दस्तावेज लौटाने की बात कही गई, लेकिन इसके बाद भी दस्तावेज नहीं लौटाए गए और लगातार टालमटोल की जाती रही। इसी को लेकर अब समिति ने इसे गंभीर मामला मानते हुए पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।
रवि अडलक ने यह भी आरोप लगाया है कि संजय गलफट द्वारा बिना समिति को जानकारी दिए समिति का जनरेटर, जर्मन की बड़ी गंजियां, आहुजा की 500 वॉट की मशीन, माइक और अन्य सामान भी ले जाया गया है। आवेदन में बताया गया है कि जब यह सामान ले जाया जा रहा था, उस समय मंदिर में पुजारी का कार्य कर रहे अजाबराव पिता रामाजी लोखंडे ने स्वयं उन्हें सामान ले जाते हुए देखा था।
अध्यक्ष रवि अडलक ने थाना प्रभारी आठनेर से मांग की है कि समिति के दस्तावेज और सामान वापस दिलाया जाए और पूरे मामले की जांच कर संजय गलफट के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस आवेदन में समिति के कोषाध्यक्ष राजेंद्र राठौर के साथ मनीष पाटनकर, मोनू लोखंडे, कृष्णराव घोडकी, राजेंद्र ठाकरे, रितेश पोटफोड़े, गोलू वागद्रे, हनुवंत राव कापसे, उमेश भरतपुरे, गुलाब राव ठाकरे, अमित जीतपुरे, तरुण गायकवाड, दुर्गेश जीतपुरे, संजू लोखंडे, ललित करोले विनायक वागद्रे, औचितराव मगरदे सहित अन्य सदस्यों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिनका कहना है कि समिति की संपत्ति और रिकॉर्ड को लेकर यह मामला अब सार्वजनिक हो चुका है और पुलिस से न्याय की उम्मीद की जा रही है।




