Government building made a political platform:भाजपा नेताओं ने शासकीय भवन को बनाया राजनीतिक मंच: स्पेंसर लाल
सरकारी ऑफिस बना भाजपा का मंडल कार्यालय नियमों की उड़ाईं धज्जियां

बैतूल। भीमपुर से एक रोचक मामला सामने आया है जहाँ भाजपा ने जनपद पंचायत के सभा कक्ष को ही अपनी राजनीतिक बैठक का मंच बना लिया। इस मामले में जिला कांग्रेस संगठन महामंत्री स्पेंसर लाल ने आरोप लगाया कि सेवा पखवाड़ा की आड़ में भाजपा मंडल भीमपुर द्वारा आयोजित बैठक ने सरकारी भवन की गरिमा को ठेस पहुँचाई है। जिस भवन का उपयोग ग्रामीण विकास, पंचायत संचालन और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु किया जाता है, उस भवन में भाजपा नेताओं का राजनीतिक जमावड़ा, पार्टी बैनर दिखाई दिए।
जनपद पंचायत जैसे संवेदनशील कार्यालय में भाजपा की मीटिंग ने पूरे प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जिला कांग्रेस संगठन महामंत्री स्पेंसर लाल ने इस मामले में सवाल उठाया है कि क्या अब कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा या अन्य दलों को भी इसी सभा कक्ष में बैठक की अनुमति दी जाएगी? क्या जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिर्फ भाजपा के लिए ही शासकीय सुविधाएं खोल कर बैठे हैं?
इस बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष की भी मौजूदगी दिखाई दे रही है, जिससे स्पष्ट होता है कि यह पूरी तरह से राजनीतिक आयोजन था। यदि यह सचमुच सेवा पखवाड़ा की सरकारी बैठक थी, तो उसमें भाजपा का बैनर क्यों लगा? पार्टी पदाधिकारी क्यों उपस्थित थे? क्या अब सरकारी इमारतें राजनीतिक एजेंडे के लिए इस्तेमाल होंगी?
स्पेंसर लाल ने इस मामले को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूछा है कि क्या कलेक्टर इस मामले में निष्पक्ष जांच कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत भीमपुर को तत्काल निलंबित करेंगे? श्री लाल का आरोप है कि प्रशासन भाजपा की कठपुतली बन गया है और सत्ता पक्ष खुलेआम नियमों की धज्जिया उड़ा रहा है।
सवाल यह भी उठता है कि अगर यही कार्य कांग्रेस पार्टी करती, तो क्या उसे भी जनपद कार्यालय का सभा कक्ष मिलता? क्या प्रशासन इतनी ही सहजता से सरकारी दफ्तर उनके लिए भी खोलता? आज जब भाजपा सत्ता में है तो वह शासकीय परिसरों को अपनी राजनीतिक प्रयोगशाला बना रही है। यह घटना केवल भीमपुर तक सीमित नहीं है, पूरे प्रदेश में एक ट्रेंड बनती जा रही है जहाँ सरकारी संसाधनों का उपयोग एक खास राजनीतिक पार्टी के प्रचार और संगठन विस्तार के लिए हो रहा है। यह लोकतंत्र का स्पष्ट दुरुपयोग है।




