एमपीपीएससी तैयारी के लिए बैतूल में निशुल्क नए बैच की शुरुआत।

प्रो. शंकर सातनकर 2020 से लगातार निशुल्क मार्गदर्शन। स्मार्ट बोर्ड, वाई-फाई, लाइब्रेरी सहित 24 घंटे अध्ययन सुविधा उपलब्ध।

बैतूल। बैतूल में सार्थक पहल बदलाव हमसे है एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) पुरुष इकाई, जे.एच. कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए नए बैच का शुभारंभ किया गया। यह पहल जिले के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन रही है, जहां उन्हें पूरी तरह निशुल्क गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

संस्थान के संचालक एवं जे.एच. कॉलेज बैतूल के अर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापक प्रोफेसर शंकर सातनकर ने बताया कि वे वर्ष 2020 से लगातार एमपीपीएससी की प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार की तैयारी निशुल्क करवा रहे हैं। यह उनका छठवां बैच है, जो बिना किसी व्यवधान के नियमित रूप से संचालित हो रहा है। कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित की जाती हैं।

उन्होंने बताया कि सार्थक पहल संस्थान में विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट बोर्ड, निशुल्क वाई-फाई, लाइब्रेरी और 24 घंटे अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है। इन सभी सुविधाओं का लाभ विद्यार्थियों को बिना किसी शुल्क के दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र भी बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं।

संस्थान की सह-संयोजक श्रीमती सरोज सातनकर ने बताया कि नियमित कक्षाओं के साथ टेस्ट और रविवार को विशेष कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं। पिछले वर्षों में यहां से पढ़कर अनेक विद्यार्थी शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग, बैंकिंग और रेलवे जैसे विभिन्न क्षेत्रों में चयनित हो चुके हैं।

जे.एच. कॉलेज के एस. मसकुले ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बैतूल जैसे शहर में इस स्तर की निशुल्क सुविधा उपलब्ध कराना बड़ी उपलब्धि है और यह प्रयास निश्चित रूप से सफल होगा।

संस्थान की छात्रा प्रिया ओमकार ने बताया कि वे पिछले तीन वर्षों से यहां अध्ययन कर रही हैं, जहां नियमित कक्षाएं, टेस्ट और सख्त अनुशासन के साथ पढ़ाई होती है तथा उनसे आज तक कोई शुल्क नहीं लिया गया। वहीं छात्रा विजया धोटे ने कहा कि वे 12वीं के बाद से ही इस संस्थान से जुड़ी हैं और उन्हें विश्वास है कि वे पहली ही कोशिश में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में सफलता प्राप्त करेंगी।

प्रोफेसर सातनकर ने बताया कि वे पूर्व में नायब तहसीलदार पद पर कार्यरत रहे हैं और शासकीय महाविद्यालय भीमपुर में पदस्थ रहते हुए भी इस पहल को जारी रखा। वर्तमान में जे.एच. कॉलेज के सभी शिक्षकों के सहयोग से यह संस्थान संचालित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य बैतूल जिले को शिक्षा का मजबूत केंद्र बनाना है, ताकि स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण तैयारी यहीं उपलब्ध हो सके और बैतूल शिक्षा के क्षेत्र में पूरे प्रदेश और देश में पहचान बना सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button