Evm news : भारत मुक्ति मोर्चा ने ईवीएम के विरुद्ध निकाली विशाल रैली
राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, 31 जनवरी को दिल्ली में महामोर्चा लाखो की धरना प्रदर्शन की तैयारी

Evm news: बैतूल। भारत मुक्ति एवं महामोर्चा ने मंगलवार को ईवीएम के विरुद्ध विशाल रैली निकाल कर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। रैली का नेतृत्व जिला अध्यक्ष भारत मुक्ति मोर्चा रामलाल इवने ने किया। गौरतलब है कि भारत मुक्ति मोर्चा ने ईवीएम के विरोध में केन्द्रीय चुनाव आयोग के खिलाफ 31 जनवरी 2024 को नई दिल्ली में विशाल धरना की तैयारी की है। भारत मुक्ति मोर्चा के प्रथम चरण का आन्दोलन देश के 567 जिलों के जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर हुआ। दूसरा चरण 10 जनवरी को धरना प्रदर्शन किया गया। तृतीय चरण में 16 जनवरी को पूरे देश भर में भारत मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम के नेतृत्व में रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव संपन्न हुए हैं जिसके अंतिम परिणाम को लेकर भारतीय चुनाव आयोग को 15 से 20 हजार मामले प्राप्त हैं, लेकिन भारतीय चुनाव आयोग असंवेदनशील दिखाई दे रहा है और उसकी चुप्पी लोकतंत्र की हत्या कर रही है। अतः भारत मुक्ति मोर्चा लोकतंत्र को बचाने और ईवीएम को हटाने के लिए आन्दोलन कर रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में कचरया मानकर, पिरथीलाल भूमरकर, श्याम चौरासे, बलिराम बरडे, मानिक अतुलकर, सुंदरलाल हनोते, उमराव सिवनकर, रमेश कुमार उबनारे, मारुतिराव झरबडे, एस जी जावरकर, प्रभुदास सातनकर, कमला खातरकर, शकुन मानकर, अजाबराव, मोहन उइके, दिलीप उइके, विनोद पवार, बीआर भूमरकर, जनार्दन जेडी पाटिल, रूपेश पंडोले, रूपेश जावलकर, प्रमिला भूमरकर, वंदना मासोदकर, गुलाब राव जावलकर, कमलेश पंडोले, बंशीलाल मासोदकर, रेवाराम सलाम, मनोज वानखेड़े, लखन उईके, बबलू जावलकर, सुखराम निरापुरे, रामदयाल लिल्होरे सहित सैकड़ो कार्यकर्ता, आंदोलनकारी उपस्थित रहे।
— आन्दोलन के मुख्य आधार–
- टेक्नोलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने वाले देशों में ईवीएम बैन तो भारत में इस्तेमाल क्यों?
- 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट के आधार पर सभी ईवीएम मशीन में वीवीपीएटी अनिवार्य तो फिर उसका इस्तेमाल न बराबर क्यों?
- चुनाव आयोग के विरोध में बामसेफ का कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट का केस ।
- वीवीपीएटी से निकलने वाली पर्चियां चुनाव आयोग के द्वारा नष्ट क्यों?
- आरटीआई के द्वारा प्राप्त सुचना के आधार 20 लाख गायब ईवीएम कहाँ?
- ईवीएम का पेटेंट न होना?
- मात्र 3.5 प्रतिशत ब्राम्हाणों की 5-6 राष्ट्रीय पार्टियाँ कैसे? लाखो की संख्या में दिल्ली केंद्रीय चुनाव आयोग पर महामोर्चा लाखो लोगो की उपस्थिति में 31 जनवरी को संपन्न होगा।




