Event : नाटय कला ऐसी विधा, जिसमें पात्र और दर्शक में होता है सीधा संवाद

कन्या शाला में जिले के नाट्य कलाकार से मिलिए कार्यक्रम का हुआ आयोजन

Betul Today News : बैतूल। शा.कन्या उ.मा. विद्यालय बैतूल गंज बैतूल में जीवन कौशल उमंग के अन्तर्गत जिले के नाट्य कलाकार से मिलिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं में नाट्य कला के विभिन्न रूपों से परिचय करना था। इस अवसर पर नाट्य विद्या से जुड़े कलाकार नेताराम रावत को शाला में आमंत्रित किया गया। रावत द्वारा नाट्य के विभिन्न रूपों के बारे में छात्राओं को बताया। उन्होंने कहा कि नाट्य कला ऐसी विधा हैं, जिसमें पात्र दर्शक के साथ सीधा संवाद करता है। इसमें कला का वह रूप है जिसमें दर्शकों के बीच एक कहानी का प्रस्तुतीकरण, संवादों एवं शारीरिक क्रियाओं के माध्यम से किया जाता है।
नाटक के दौरान कहानी का सम्प्रेषण थियेटर के विभिन्न अवयवों, अभिनय, पहनावा, दृश्य, प्रकाश, संगीत, आवाज एवं संवाद के माध्यम से किया जाता है। नाटक में नवरसों में से आठ का ही परिपाक होता हैं। वीर या श्रंगार रस में से कोई एक नाटक का प्रधान रस होता है, नाटक के तत्वों पर रावत ने बताया कि नाटक में विभिन्न प्रकार के तत्व होते है जिसमें भूमिका, चरित्र और रिश्ते, स्थिति, आवाज, आंदोलन, स्थान और समय, भाषा और पाठ, प्रतीक और रूपक, मनोदशा और वातावरण, दर्शक और नाटकीय तनाव मुख्य हैं।

प्रत्येक मंगलवार किया जा रहा उमंग कार्यक्रम

प्रभारी शिक्षक महेश गुंजेले ने बताया कि नाटक और कला रचनात्मक अभिव्यक्ति सक्षम करता है, शिक्षा में कला और नाटक के माध्यम से छात्रायें दुनिया के बारे में नए तरीके से सीख सकती है। प्रत्येक मंगलवार विद्यालय में जीवन कौशल के अन्तर्गत उमंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाता हैं। छात्राओं को जीवन जीने की कला के बारे में छात्राओं को बताया जाता है, इसे और प्रभावशाली बनाने के लिये जिले के विभिन्न कला के क्षेत्रों में कार्य करने वाले कलाकारों को छात्राओं के बीच बुलाया जाता हैं जिससे छात्राओं को उनके अनुभवों का लाभ मिल सके। इस अवसर पर शिक्षक अशोक इवने, बी.आर.कंगाले, सी.एल.नर्रे आदि शिक्षक एवं छात्राएं उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button