अंतिम दिन भी देर रात तक चलता रहा शिवम् सेवा समिति का भंडारा
दर्शनार्थियों के लिए समर्पित तीन दिन,हजारों ने ग्रहण किया भोजन

वर्षों पुरानी सेवा परंपरा का समापन दिवस भी रहा ऐतिहासिक
बैतूल। छोटा महादेव भोपाली जाने वाले तथा वहां से लौटकर आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिवम् सेवा समिति द्वारा प्रतिवर्ष तीन दिनों तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस वर्ष भी 17वें वर्ष में आयोजित भंडारे का अंतिम दिन भी सेवा और समर्पण का उदाहरण बन गया। देर रात्रि तक प्रसादी वितरण का सिलसिला जारी रहा।
– रेड क्रॉस ने लगाया उपचार शिविर
शिवम् सेवा समिति के तीन दिवसीय भंडारे में रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से डॉ. अरुण जयसिंहपुरे द्वारा उपचार शिविर लगाया गया। शिविर में भोलेनाथ के भक्तों को प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा प्रदान की गई। समिति के शानू शर्मा ने रेड क्रॉस सोसाइटी का आभार व्यक्त किया।
– तीन दिनों तक निरंतर सेवा
समिति द्वारा महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रारंभ किया गया भंडारा लगातार तीन दिनों तक संचालित किया गया, ताकि दर्शन के लिए निकलने वाले और लौटने वाले दोनों ही श्रद्धालुओं को भरपेट भोजन मिल सके। सुबह से लेकर देर रात तक हजारों शिवभक्तों ने अनुशासित ढंग से कतारों में लगकर प्रसादी ग्रहण की।
– लौटते श्रद्धालुओं का भी रखा ध्यान
अंतिम दिन विशेष रूप से छोटा महादेव भोपाली और पचमढ़ी से लौटने वाले भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भंडारा रात्रि तक जारी रखा गया। समिति के सदस्यों ने मार्ग से गुजरने वाले हर श्रद्धालु को आग्रहपूर्वक प्रसादी के लिए आमंत्रित किया।
– सेवा की 17 वर्ष पुरानी परंपरा
विगत 16 वर्षों से निरंतर जारी यह सेवा 17वें वर्ष में भी पूरी निष्ठा से संपन्न हुई। समिति के सुनील गुड्डू शर्मा और रक्कू शर्मा सहित पूरी टीम अंतिम दिन तक स्थल पर डटी रही। उनका प्रयास रहा कि कोई भी श्रद्धालु भूखा न जाए और सभी को सम्मानपूर्वक भोजन प्रसादी प्राप्त हो। तीन दिवसीय इस आयोजन ने एक बार फिर सेवा का उदाहरण सिद्ध कर दिया है।




