नियमितीकरण, वेतन विसंगति और आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर बिजली कर्मचारी महासंघ ने किया आंदोलन का ऐलान।

प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत 2 अप्रैल को देंगे धरना, 16 अप्रैल को भोपाल में रैली । ऊर्जा मंत्री को चेतावनी: समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बिजली कर्मचारी करेंगे उग्र आंदोलन।

बैतूल। मध्य प्रदेश बिजली कर्मचारी महासंघ ने विद्युत कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान न होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की घोषणा कर दी है। महासंघ का कहना है कि विभिन्न स्तरों पर प्रबंध निदेशक, ऊर्जा मंत्रालय और ऊर्जा मंत्री से पत्राचार तथा द्विपक्षीय वार्ता के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ, इसलिए संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगा।

बिजली कर्मचारी महासंघ के बैतूल जिला अध्यक्ष चंद्रभान पंडाग्रे और सचिव विजय यादव ने बताया कि इस संबंध में ज्ञापन महाप्रबंधक बैतूल वृत्त को सौंपा गया। उन्होंने बताया विद्युत क्षेत्र में लगभग 15 वर्ष से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया है, 2013 की परीक्षा के बाद संविदा पर रखे गए कर्मियों को भी आज तक नियमित नहीं किया गया। नियमित कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां दूर करने, गृह जिला स्थानांतरण नीति लागू करने, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ को पदोन्नति अवसर देने, 1979 के कर्मचारियों से जुड़े उच्च न्यायालय के निर्णय को लागू करने और 2018 के बाद नियुक्त कार्यालय सहायकों के वेतनमान में सुधार की मांग की गई है।

महासंघ ने करीब 50 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग निगम बनाने, महंगाई के अनुसार वेतन वृद्धि, जोखिम, चिकित्सा व रात्रिकालीन भत्ते, बीमा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने और बिना कारण छंटनी रोकने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही मीटर रीडरों के नियमितीकरण, पेंशन में महंगाई भत्ता, सहायक राजस्व अधिकारियों को पदोन्नति, उच्च योग्यता पर अतिरिक्त वेतनवृद्धि, लंबित अनुकंपा नियुक्ति, एलटीसी, गृह यात्रा भत्ता, ओपीएस लागू करने और डिप्लोमाधारी कर्मचारियों को कनिष्ठ यंत्री का करंट चार्ज देने की मांग शामिल है।

महासंघ ने आंदोलन की रूपरेखा में 16 मार्च के बाद जिलों में सूचना व प्रदर्शन, 2 अप्रैल को सभी जिलों और कंपनी मुख्यालयों पर धरना तथा 16 अप्रैल को भोपाल में रैली और धरना का कार्यक्रम घोषित किया है। इस दौरान पूर्व महामंत्री मधुकर साबले, पर्वत राव ठाकरे, संतोष गुप्ता, संतोष शिंदे, भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष संपत राव दरवाई, जिला मंत्री पंजाब राव गायकवाड, अंकित सक्सेना, नितेश ठाकरे, दीनदयाल रहंगडाले, कृष्णा बर्डे, अंशुल देशपांडे, जगन भुजाडे, उमेश तिवारी और बाबा लांघे उपस्थित रहे।

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