Efforts to make rural education self-reliant: एकल अभियान के 10 दिवसीय अभ्यास वर्ग का हुआ समापन, आचार्यों को मिला पंचमुखी शिक्षा का प्रशिक्षण
ग्रामीण शिक्षा को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास

बैतूल। चिचोली ब्लॉक में एकल अभियान के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित विद्यालयों में नन्हे-मुन्ने बच्चों को पंचमुखी शिक्षा देने के उद्देश्य से 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण वर्ग का आयोजन किया गया। यह वर्ग 18 दिसंबर से 28 दिसंबर तक आयोजित हुआ। इसमें नवीन आचार्यों को सात विषयों पर आधारित प्राथमिक शिक्षा देने का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला संघ सह संचालक खेमराज डढोरे, गौ ग्राम समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र बिलगैया, जिला प्रचारक शिवम ग्वाल, जनपद सदस्य मुकुंदराव धोटे, पूर्व सरपंच ज्योति कुम्हारे, उपसरपंच होलक दरवाई, संच मां सपना इवने, जनपद सदस्य सुमन बिहारे, संच अध्यक्ष सुरेंद्र बावने और एकल प्रमुख पप्पू उपराले उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान शाहपुर, बैतूल, आमला, भैसदेही, घोड़ाडोंगरी सहित अन्य ब्लॉकों के नवीन आचार्यों को पंचमुखी शिक्षा के प्राथमिक पाठ और सात विषयों की गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षक सुरेश धुर्वे ने बताया कि इस अभ्यास वर्ग में आचार्यों को प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य, शारीरिक संस्कार, हस्तशिल्प, खेलकूद, योगासन और बच्चों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी गई। आचार्यों को यह भी सिखाया गया कि तीन घंटे की कक्षा में बच्चों को प्रभावी ढंग से कैसे पढ़ाना है। अभियान प्रमुख पप्पू उपराले ने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य गांवों को स्वावलंबी और संस्कारवान बनाना है। प्रशिक्षण के दौरान आचार्यों को यह समझाया गया कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के व्यक्तित्व विकास में संस्कार और स्वास्थ्य का योगदान कितना महत्वपूर्ण है। समापन समारोह में संच समिति और ग्राम पंचायत के द्वारा प्रशिक्षकों और आचार्यों को प्रशस्ति पत्र और गिफ्ट आइटम वितरित किए गए। इस अवसर पर राजेंद्र दुबे, हेमराज उइके, इमलेश बारस्कर, दिलीप यादव, धनश्याम बरडे, बिसिदंरे, सोनू यादव, राजेश यादव, आनंद विश्वकर्मा, संतोष यादव सहित अन्य आचार्यगण मौजूद थे।





