रासायनिक कीटनाशकों से धरती हो रही बंजर, जैविक खेती ही विकल्प: धुर्वे

ग्राम विकास में महत्वपूर्ण है प्रस्फुटन समितियो की भूमिका: संतोष राजपूत

आठनेर। ग्राम विकास को जनभागीदारी से गति देने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा विकासखंड आठनेर में संवाद योजना अंतर्गत प्रस्फुटन समिति शक्ति संचय कार्यक्रम के तहत चयनित नवांकुर संस्थाओं, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों, परामर्शदाताओं एवं सीएम इंटर्न के लिए एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में ग्राम विकास, जैविक खेती, मृदा परीक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

विकासखंड कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। स्वागत के बाद जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक संतोष राजपूत ने परिषद के उद्देश्यों और गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियां ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ कृषि, पर्यावरण, स्वच्छता, जल संरक्षण और आजीविका जैसे विषयों पर प्रभावी जनजागरूकता का कार्य करें। उन्होंने आगामी नवांकुर सखी कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए उसे सफल बनाने का आह्वान भी किया।

कृषि विभाग के एडीओ पी.आर. धुर्वे ने जैविक खेती के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम धरती को मां मानते हैं, लेकिन उसी में जहर डालकर उसे बंजर बना रहे हैं। किसानों से धरती मां के सच्चे पुत्र बनकर जैविक खेती अपनाने की अपील की।

कृषि विभाग के एईओ अंकित काले ने मृदा परीक्षण के महत्व पर जानकारी देते हुए कहा कि मिट्टी की जांच के आधार पर खेती करने से लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है। उन्होंने मृदा परीक्षण एवं मृदा उपचार के लाभों की विस्तृत जानकारी दी।

विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने प्रस्फुटन समितियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए अगस्त माह की गतिविधियों की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की और निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विषयों पर संवाद एवं मार्गदर्शन के साथ प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही। अंत में सभी प्रतिभागियों को अतिथियों ने प्रमाण-पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम में नगर मंडल अध्यक्ष गोवर्धन राने, जनपद सदस्य राजू सलामें, कृषि विभाग के एईओ रूपेश साहू, सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष सिंह चौहान, नवांकुर संस्था अध्यक्ष कैलाश आजाद, दिनेश माकोड़े, परामर्शदाता सतीश ठाकरे, दिनेश साकरे, राधिका बारपेटे, अंकित सातपुते, दीपाली पातुलकर तथा प्रस्फुटन समितियों से भूदेव माथनकर, कैलाश खंडागड़े, पप्पू कुमरे सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी का उपयोग गांवों के सर्वांगीण विकास, जनभागीदारी को मजबूत करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किया जाएगा।

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