Demand to cancel the tender: नाले के घटिया निर्माण के खिलाफ कांग्रेस पार्षदों ने नगर परिषद के सामने दिया धरना

Demand to cancel the tender: भैंसदेही। नगर परिषद भैंसदेही के वार्ड क्रमांक 13 में निर्माणधीन नाले के घटिया निर्माण को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने नगर परिषद के समक्ष धरना दिया। वार्ड पार्षद महेश थोटेकर ने तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नाले निर्माण कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार की जांच और ठेकेदार एवं कन्ट्रक्शन कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टेंडर निरस्त करने की मांग की गई।
पार्षद महेश थोटेकर ने आरोप लगाया कि शीतला माता चौक से गोतमा नदी तक लगभग 60 लाख की लागत से बनाया जा रहा निर्माणधीन नाला हल्की बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने नगर परिषद भैंसदेही की देखरेख में हो रहे निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया। थोटेकर ने बताया कि उन्होंने इस बारे में सीएमओ को मौखिक रूप से कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने बताया कि नाला निर्माण कार्य बिना इंजीनियर की देखरेख में शारदा कंस्ट्रक्शन द्वारा किया गया है। कांग्रेस पार्षदों ने मांग की है कि घटिया नाला निर्माण करने वाले ठेकेदार को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाए और नाले निर्माण में लिप्त अधिकारियों पर कार्यवाही की जाए। इस धरने में पार्षद महेश थोटेकर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रानू ठाकुर, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राहुल छत्रपाल, मोहित राठौर, शोएब विंध्यानी, गजानन अस्वार, प्रतीक प्रजापति, आरिफ खान, दारा सिंह सलामे, देवेश आठवेकर, रवि वासनकर, रूपेश पाटनकर, श्रीराम चढ़ोकार, कालू, भरत राठौर सहित अन्य लोग मौजूद थे।
— घटिया निर्माण की जांच और कार्यवाही की मांग–
भैंसदेही के वार्ड क्रमांक 13 में निर्माणधीन नाले की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस पार्षदों ने नगर परिषद के सामने धरना दिया। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और निर्माण की जांच की मांग की गई। वार्ड पार्षद महेश थोटेकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन सौंपा।

पार्षद महेश थोटेकर ने आरोप लगाया कि नाले के निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे यह हल्की बारिश में ही क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद भैंसदेही की देखरेख में हो रहे इस निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती गई है और भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्यवाही की मांग की।




