कंगला मांझी के नाम पर सेना में रेजीमेंट बनाने की उठी मांग
मालवर के सैनिक सम्मेलन में आदिवासी शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बैतूल। मालवर में आयोजित माझी सरकार के सैनिक सम्मेलन में कंगला मांझी के नाम पर भारतीय सेना में अलग रेजीमेंट बनाने की मांग उठाई गई। कार्यक्रम में एडवोकेट एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अल हिन्द पार्टी ओमकार नाथ कटियार ने केंद्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई में आदिवासी समाज ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अंग्रेजों से सबसे पहले लोहा लिया।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा, सरदार विष्णु सिंह गोंड, मोहकम सिंह गोंड, रेंगा कोरकू, मनकी बाई, सम्मो बाई, गंजन सिंह कोरकू और हीरा सिंह उर्फ कंगला मांझी सहित लाखों आदिवासियों ने जल, जंगल, जमीन के लिए अपने परिवार तक की आहुति देकर देश की आजादी के लिए महान बलिदान दिया। ऐसे वीरों के सम्मान में कंगला मांझी के नाम पर सेना में रेजीमेंट बनाई जाए और उनके वंशजों व समाज के युवाओं को विधिवत प्रशिक्षण देकर पूर्वजों के गौरवशाली इतिहास को संरक्षित किया जाए।
सम्मेलन में यह भी मांग की गई कि अंग्रेजों के समय जिन आदिवासियों की जमीनें छीनी गईं, उन्हें वापस किया जाए या उनकी उचित कीमत अदा की जाए। जिन गांवों को अंग्रेजों ने जलाया, लूटा, उजाड़ा या तोपों से नष्ट किया, उन्हें 1857 शहीदी गांव घोषित कर एक अरब रुपए की सहायता देकर पुनः बसाया जाए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजमाता फुलवा देवी कांगे, केडी कांगे तथा विशिष्ट अतिथि राहुल उइके, सहनवती कवड़े, शशिकला सलामे, दिनेश धुर्वे, आरएन ठाकुर, श्रवण परते, रामप्रसाद इवने अन्य अतिथियों ने मंच से शहीदों के सम्मान में अपने विचार व्यक्त किए और आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।




