विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग

समस्त आदिवासी समाज संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

बैतूल। विश्व आदिवासी दिवस पर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर समस्त आदिवासी समाज संगठन ने जिला अध्यक्ष सुंदरलाल उइके के नेतृत्व में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम सौंपा।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा को संरक्षित करने के लिए प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। यह दिवस पूरे विश्व में आदिवासी समाज द्वारा बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक आयोजन होते हैं।

— मध्यप्रदेश में सबसे अधिक आदिवासी जनसंख्या–

मध्यप्रदेश आदिवासी जनसंख्या के मामले में पूरे देश में अग्रणी है। यहां का आदिवासी समाज अपनी विशिष्ट रीति-रिवाज, संस्कृति और परंपरा के लिए संवैधानिक पहचान रखता है। पिछले कुछ वर्षों में, मध्यप्रदेश में सरकारों ने विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे ऐच्छिक अवकाश में बदल दिया है।

— आदिवासियों की भावनाओं का हो सम्मान–

समस्त आदिवासी समाज संगठन का मानना है कि यदि मध्यप्रदेश सरकार विश्व आदिवासी दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करती है, तो यह प्रदेश के करोड़ों आदिवासियों की भावनाओं का सम्मान होगा और उन्हें बहुत खुशी होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान आदिवासी समाज के सदस्यों ने सरकार से अपील की कि वे इस मांग को जल्द से जल्द पूरा करें।

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