guideline: स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी- सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होंगे नियम

सप्ताह में एक दिन 'नो' बैग, दूसरी कक्षा तक के बच्चों को नहीं दिया जाएगा होमवर्क,बैग का वजन 2.2 किग्रा से ज्यादा नहीं

बैतूल। मध्य प्रदेश के स्कूलों में बच्चों के बैग के वजन को कम करने के लिए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने स्कूल बैग पॉलिसी-2020 को सख्ती से लागू करने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें स्कूल को सप्ताह में एक दिन बिना बैग के स्कूल बुलाना होगा। दूसरी कक्षा तक के बच्चों को होम वर्क नहीं दिया जाएगा। ये दिशा निर्देश सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर लागू होंगे। इसके अनुसार पहली और दूसरी कक्षा में बच्चों के बैग के अधिकतम वजन की सीमा 2.2 किलो से ज्यादा नहीं होगी। तीसरी से पांचवी कक्षा तक अधिकतम वजन सीमा ढाई किलो, छठी और सातवीं कक्षा के लिए अधिकतम तीन किलो, छठी और सातवीं कक्षा के लिए अधिकतम तीन किलो, आठवीं कक्षा के लिए चार किलो, 9वीं और 10वीं के लिए साढ़े चार किलो और 11वीं और 12वीं के बैग के वजन की सीमा प्रबंधन समिति तय करेगी। इन दिशा निर्देशों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। वे हर तीन माह में स्कूलों में औचक निरीक्षण कर जांच करेंगे। दिशा निर्देशों के उल्लंघन पर कार्रवाई करेंगे। प्रदेश सरकार ने स्कूल बैग पॉलिसी-2020 जारी कर दी है। सभी निजी, शासकीय और अनुदान प्राप्त स्कूलों को इसका पालन करना होगा। पॉलिसी के अनुसार कक्षावार बस्तों का वजन तय किया गया है। वहीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में बस्ते का वजन शाला प्रबंध समिति द्वारा विभिन्न स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाएगा। वहीं सप्ताह में एक दिन नो बैग डे निर्धारित किया जाएगा। इस दिन व्यावसायिक कार्यानुभव से संबंधित गतिविधियां चलाई जाएंगी।

— दूसरी कक्षा तक बच्चों को नहीं मिलेगा होमवर्क–

पॉलिसी के अनुसार स्कूलों में अब कक्षा दो तक के छात्रों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा। वहीं कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों को प्रति सप्ताह दो घंटे से, कक्षा 6 वीं से 8वीं तक प्रति दिन एक घंटे तथा कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को प्रति दिन दो घंटे का ही होम वर्क दिया जाएगा। इसमें यह भी सिफारिश की गई है कि छात्रों को रोज सभी पुस्तकें, अभ्यास पुस्तिकाएं, कॉपियां नहीं लानी पड़ें।

— अगले सत्र से लागू होगी व्यवस्था–

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के संभागीय सह सचिव नरेश लहरपुरे एवं बैतूल तहसील अध्यक्ष अमोल पानकर ने बताया की यह व्यवस्था अगले सत्र से लागू होगी।

 

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