CM Helpline: सीएम हेल्पलाइन का दुरुपयोग, खंडवा-बुरहानपुर के लोग भीमपुर पंचायतों में कर रहे फर्जी शिकायतें, सचिवों का जीना हुआ मुहाल
फर्जी शिकायतों की बाढ़ से परेशान सचिवों ने की कार्रवाई की मांग

बैतूल। भीमपुर जनपद की पंचायतों में फर्जी शिकायतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे पंचायत सचिव परेशान हैं। सीएम हेल्पलाइन पर की जा रही इन फर्जी शिकायतों के चलते सचिवों का कामकाज प्रभावित हो रहा है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। भीमपुर जनपद में कुल 54 पंचायतें हैं, जिनमें से पालंगा, कामोद, चिखली और पलस्या जैसी पंचायतों के सचिवों ने शिकायत की है कि एक ही व्यक्ति के नाम से कई फर्जी शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।
अजय, विजय, अर्सन जैसे कामन नामों से ये शिकायतें आ रही हैं, और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये शिकायतकर्ता जिले के निवासी भी नहीं हैं। जांच में पता चला है कि ये लोग खंडवा, बुरहानपुर और हरदा जैसे जिलों में रहते हैं, जबकि भीमपुर की पंचायतों में फर्जी शिकायतें कर सचिवों को परेशान कर रहे हैं।
पंचायत सचिवों का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन पर की जा रही इन फर्जी शिकायतों के कारण उनका नियमित कामकाज बाधित हो रहा है। पालंगा पंचायत के सचिव ने बताया कि उनके खिलाफ तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज की गई हैं, लेकिन जांच करने पर पता चला कि शिकायतकर्ता जिले के निवासी नहीं हैं।
यह स्थिति केवल पालंगा तक सीमित नहीं है, कामोद, चिखली और पलस्या पंचायतों के सचिव भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। हर शिकायत में अलग-अलग मुद्दे उठाए जाते हैं, लेकिन इनका सत्यापन करने पर सभी शिकायतें फर्जी पाई जाती हैं। इसके चलते सचिवों को बार-बार जवाब देना पड़ता है और उनका समय नष्ट होता है।
फर्जी शिकायतों के चलते कामकाज में देरी
फर्जी शिकायतें आने के कारण पंचायतों का कामकाज धीमा हो गया है। पंचायत सचिवों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे फर्जी शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं का सामना न करना पड़े। इन शिकायतों का कोई ठोस आधार नहीं होता, लेकिन सचिवों को जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इससे उनका समय बर्बाद होता है, जरूरतमंदों के काम भी प्रभावित होते हैं। सचिवों ने प्रशासन से अपील की है कि इन फर्जी शिकायतों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सचिवों को इस बेवजह की परेशानी से छुटकारा मिल सके।




