मुख्यमंत्री ने आदिवासी दिवस पर शुभकामना तक नहीं दी, जयस प्रभारी सोनू पानसे ने साधा निशाना
पानसे का आरोप- सरकार आदिवासी समाज की अपेक्षाओं को लेकर संवेदनशील नहीं

बैतूल। विश्व आदिवासी दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से बधाई एवं शुभकामना संदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर जयस ने सरकार पर निशाना साधा है। जयस प्रभारी सोनू पानसे ने कहा कि आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक ना समझे, आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता, पहचान और अधिकारों का सम्मान भी करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज निवास करता है, ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश के मुखिया की ओर से शुभकामना संदेश नहीं आना निंदनीय है।
पानसे के अनुसार 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश सहित पूरे देश में आदिवासी समाज ने अपनी संस्कृति, परंपरा, पहचान और अधिकारों के सम्मान में भव्य आयोजन किए। बैतूल जिले के आदिवासी अंचलों में भी हजारों लोगों ने उत्साह के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया। इसी बीच मुख्यमंत्री की ओर से शुभकामना संदेश सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने को लेकर आदिवासी समाज में चर्चा शुरू हो गई है।
जयस प्रभारी सोनू पानसे ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति, इतिहास, अधिकार और सम्मान का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर प्रदेश के मुखिया की ओर से समाज को शुभकामनाएं मिलना सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश होता है। सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या वह आदिवासी समाज की भावनाओं और अपेक्षाओं को उसी गंभीरता से ले रही है, जिसकी समाज अपेक्षा करता है। उन्होंने सरकार से आदिवासी समाज की भावनाओं को गंभीरता से लेते हुए विश्व आदिवासी दिवस को प्रदेश स्तर पर उचित महत्व देने की मांग की।




