चिचोली विकासखंड को मिली शासकीय महाविद्यालय की सौगात ।
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने नेता प्रतिपक्ष का जताया आभार।

बैतूल। चिचोली क्षेत्र की वर्षों पुरानी उच्च शिक्षा की मांग पूरी होने पर मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद ने इसे आदिवासी अंचल के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद की चिचोली ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती कंचना बारस्कर बेठे ने बताया कि विगत दिनों कांग्रेस जोड़ो यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों से चर्चा की गई और उनकी समस्याएं सुनी गईं। ग्रामीणों ने बताया कि चिचोली ब्लॉक में महाविद्यालय नहीं होने से छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बैतूल, भीमपुर, हरदा, शाहपुर सहित अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। आदिवासी बहुल एवं ट्राइबल क्षेत्र होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों के विद्यार्थियों को इससे काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसानों ने क्षेत्र में कृषि उपज मंडी नहीं होने से उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने की समस्या भी रखी तथा मंडी खोले जाने की मांग की।
श्रीमती कंचना बारस्कर बेठे ने बताया कि क्षेत्र की इन समस्याओं से मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषि सिरसाम और जिला अध्यक्ष आजाद इरपाचे को अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषि सिरसाम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिषद के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समक्ष चिचोली ब्लॉक की समस्याएं रखीं। इसके बाद भोपाल में चर्चा के दौरान चिचोली विकासखंड में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने का विषय प्रमुखता से उठाया गया। परिषद पदाधिकारियों ने दावा किया कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार द्वारा इस मांग को संज्ञान में लेने के बाद चिचोली विकासखंड को महाविद्यालय की सौगात मिली, जिससे आदिवासी क्षेत्र में खुशी की लहर है।
इस अवसर पर श्रीमती कंचना बारस्कर बेठे ने क्षेत्रीय विधायक पर क्षेत्र की उपेक्षा करने तथा जनता को गुमराह कर वोट लेने का आरोप लगाया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषि सिरसाम और जिला अध्यक्ष आजाद इरपाचे के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र के आदिवासी भाई-बहनों के अधिकारों और हितों की आवाज आगे भी मजबूती से उठाती रहेंगी।




