Celebrating a joyous festival: प्रतिस्पर्धा नहीं सहभागिता है आनंद उत्सव की मूल भावना: कैलाश आजाद
पुलिस ग्राउंड आठनेर में किया गया आनंद उत्सव का आयोजन

बैतूल। आठनेर के पुलिस ग्राउंड में आयोजित आनंद उत्सव में गुरुवार 16 जनवरी को रस्सा खींच, कुर्सी दौड़ और चम्मच दौड़ जैसी पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में नवांकुर संस्था नगर विकास प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष कैलाश आजाद ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए कहा कि आनंद उत्सव की मूल भावना प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सहभागिता है। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा लोक-संस्कृति और परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य को रेखांकित किया।
उल्लेखनीय है कि सभी ओर खुशियां बिखरने और हर चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार आनंदम विभाग द्वारा मकर संक्रांति से लेकर 28 जनवरी तक पूरे प्रदेश मे आनंद उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर परिषद आठनेर द्वारा 14 जनवरी से लेकर 17 जनवरी तक पुलिस ग्राउंड में विभिन्न खेल स्पर्धा का आयोजन किया जा रहा है।
– परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण राज्य सरकार का प्रण
कैलाश आजाद ने कहा कि परंपराओं और संस्कृति का संरक्षण राज्य सरकार का प्रण है। लोक-संस्कृति में रची-बसी गतिविधियों का सामुदायिक स्तर पर संचालन जीवन में आनंद का संचार करता है। नागरिकों में सहभागिता और उत्साह को बढ़ाने के लिए हर गांव और शहर में समूह स्तर पर परंपरागत खेल और संस्कृति से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्षद फारुख काजी, नगर परिषद कर्मचारी त्रिशाल जगताप, कोमल सोलंकी, रूपेंद्र झरबडे, दुर्गादास लोखंडे, रामचंद्र बारमासे, बाबूराव बर्डे, सदाशिव लोखंडे, शिक्षा विभाग से खेल शिक्षक जगदीश वागद्रे, राम शनिचरे, वंदना साकरे, लक्ष्मी धोटे, शिक्षक- शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में नगरवासी, खिलाड़ी व स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




