पट प्रतियोगिता में बैल दौड़ाने जा रहे युवक से 20 हजार रुपये छीनने और बैल ले जाने का आरोप

पीड़ित कोरकू आदिवासी युवक ने एसपी से की शिकायत, झल्लार थाने का मामला। हिंदू संगठन का पदाधिकारी बताकर तलाशी ली, त्रिशूल दिखाकर डराया

बैतूल। पट प्रतियोगिता में बैल दौड़ाने जा रहे कोरकू आदिवासी युवक को रास्ते में रोककर खुद को हिंदूवादी संगठन का अध्यक्ष बताकर धमकाने और 20 हजार रुपये छीनने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

भैंसदेही तहसील के ग्राम रातामाटी निवासी काइटा माथनकर पिता रामलाल माथनकर ने बताया कि वह अपने खरीदे हुए बैलों के साथ मेलों में पट दौड़ाने का कार्य करता है। 15 फरवरी को शिवरात्रि के दिन सुबह करीब 8 बजे वह अपने भाई दशरथ माथनकर के साथ गागड़खेड़ा मेले में बैल दौड़ाने जा रहा था। रास्ते में एक कमल आर्य नामक व्यक्ति और उसके दो साथियों ने उन्हें रोक लिया।

आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने खुद को एक हिंदूवादी संगठन का अध्यक्ष बताते हुए धौंस दिखाई और कहा कि उसके पास त्रिशूल है। इसके बाद दोनों भाइयों की तलाशी ली गई। काइटा माथनकर के अनुसार उसके पास मेले से घर का सामान खरीदने और बैल दौड़ाने के लिए रखे 20 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल था। आरोप है कि रुपये और मोबाइल छीन लिए गए तथा बैलों को दूसरे स्थान पर ले जाकर बांध दिया गया।

शिकायत में कहा गया है कि विरोध करने पर झूठे केस में फंसाने और थाने ले जाने की धमकी दी गई। देर शाम उसे छोड़ दिया गया और मोबाइल लौटा दिया गया, लेकिन 20 हजार रुपये वापस नहीं किए गए। अगले दिन झल्लार थाने में सूचना देने पर मामला आपसी बताया गया। बाद में तलाश करने पर उसके बैल दूसरे गांव में बंधे मिले, जिन्हें वह अपने परिवार के साथ वापस लेकर आया।

काइटा माथनकर का कहना है कि रुपये वापस मांगने पर मना कर दिया गया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। उसने बताया कि वह गरीब कोरकू आदिवासी परिवार से है और घटना के बाद पूरा परिवार डरा हुआ है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

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