Body Donation and Organ Donation Honor Program: ओम आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज में हुआ देहदान एवं अंगदान सम्मान कार्यक्रम
सेवानिवृत्त कुष्ठ पर्यवेक्षक तीर्थराज सरसोदे ने किया देहदान

बैतूल। ओम आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज एण्ड हाॅस्पिटल, भारत-भारती, जामठी, बैतूल में 8 फरवरी को देहदान एवं अंगदान सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें सेवानिवृत्त कुष्ठ पर्यवेक्षक, तीर्थराज सरसोदे ने जिला अस्पताल स्टाफ की मौजूदगी में स्वसहमति से मरणोपरांत संस्था को अपनी देहदान का संकल्प लिया, जिसके लिए ओम आयुर्वेदिक परिवार ने श्री सरसोदे का आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि मृत्यु के बाद शरीर दान से तात्पर्य चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा के लिये मृत्यु के बाद शरीर के पूरे दान से है। मेडिकल छात्रों और शोध कर्ताओं को मानव शरीर को समझने में मदद करने में और विज्ञान की प्रगति के लिये महत्वपूर्ण है। निश्चित ही काॅलेज के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। इस उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में ओम स्वास्थ्य एवं शिक्षा परिषद के सचिव शिवकिशोर पाल, डाॅ.संदीप पाल विभागाध्यक्ष शल्य तंत्र विभाग, डाॅ निलिमा मानकर शरीर रचना विभाग एवं शेषराव धोटे सेवानिवृत्त कुष्ठ चिकित्सा सहायक के समक्ष देहदान पंजीयन पत्र भरकर संस्था को सुपुर्द किया। देहदानदाता श्री सरसोदे ने भावविभोर कार्यक्रम में देहदान पर अपने विचार प्रकट किए एवं इससे मेडिकल छात्रों को होने वाले फायदे से अवगत कराया। डाॅ. पाल द्वारा अपने उद्बोधन में मरणोपरांत स्वयं नेत्र दान का संकल्प लिया। उन्होंने भविष्य में ओम आयुर्वेदिक मेडिकल काॅलेज में अंगदान करने वाले लोगो के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर चालू करने, देहदान एवं अंगदान जागृति विषयक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की बात कही।




