केदारनाथ की खन मिट्टी के साथ शिव विवाह की एक और रस्म पूर्ण, आज सजाया जाएगा भीमाशंकर का मंडप 

शास्त्रसम्मत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया जा रहा पूरा आयोजन 

बैतूल। महाकाल चौक कोठी बाजार से 15 फरवरी को निकलने वाली देवाधिदेव बाबा महाकाल की भव्य शिव बारात से पहले हर दिन शिव विवाह की परंपरागत रस्में उसी विधि-विधान और अनुशासन के साथ निभाई जा रही हैं, जैसे किसी घर में विवाह होता है। यही कारण है कि यह आयोजन धार्मिक कार्यक्रम से आगे बढ़कर सामाजिक सहभागिता का स्वरूप ले चुका है।

श्री शंभू भोले सेवा उत्सव समिति के सनी ठाकुर ने बताया कि इस वर्ष शिव बारात की देखरेख और संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी नारी शक्ति को सौंपी गई है। शिव बारात के दौरान पूनम बिसोने, योगिता उइके, इशिका नामदेव, प्रेमलता परते, किरण धुर्वे, श्रुति सोनारे, गुंजन काकोड़िया, मोनिका उइके और शर्मिला कवड़े व्यवस्था संभालेंगी। समिति का कहना है कि यह निर्णय महिला सहभागिता को सम्मान देने और सामाजिक समरसता का संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है।

मंगलवार को शिव विवाह उत्सव के अंतर्गत केदारनाथ की खनमिट्टी का आयोजन शाम 4 बजे परंपरागत विधि से संपन्न हुआ। महिलाएं पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाजे-गाजे के साथ खनमिट्टी लेने गईं। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने मिट्टी लाकर विवाह की रस्मों को आगे बढ़ाया। इसके बाद शिव विवाह की अन्य परंपरागत रस्में भी निभाई गईं। पूरा आयोजन शास्त्रसम्मत रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न किया जा रहा है, जिससे धार्मिक अनुशासन और परंपरा की गरिमा बनी हुई है।

समिति के मनीष मालवी ने बताया कि आज बुधवार 11 फरवरी को भीमाशंकर के नाम से मंडप सजाया जाएगा। इस आयोजन की जिम्मेदारी निर्मला यादव, सरिता श्रीवास्तव, माधुरी नामदेव, रीता दत्ता, नीता वराठे, सोनल पाटिल, सोनम मिश्रा, आयुषी नामदेव, कशिश तातेड़, सुनीता पांडे, ममता शुक्ला, बिल्लो पवार, आरती शुक्ला, कंचन मिश्रा और मुस्कान घोड़पे को सौंपी गई है। समिति के अनुसार मंडप सज्जा पूरी तरह पारंपरिक स्वरूप में की जाएगी।

इससे पहले काशी विश्वनाथ की हल्दी, त्र्यंबकेश्वर की मेहंदी और रामेश्वरम् के नाम से संगीतमय आयोजन संपन्न किए जाएंगे। इन सभी आयोजनों के बाद 15 फरवरी को महाकाल चौक कोठी बाजार से बाबा महाकाल की भव्य शिव बारात नगर भ्रमण पर निकलेगी।

पूरे शिव विवाह उत्सव के दौरान महाकाल मंदिर में विराजित शिवलिंग का प्रतिदिन श्रृंगार सुप्रसिद्ध मूर्ति कलाकार सुनील प्रजापति द्वारा किया जा रहा है। पुष्प, भस्म, बेलपत्र और पारंपरिक पूजन सामग्री से किए जा रहे श्रृंगार से मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।

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