स्वर कोकिला की स्मृति को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मुहिम जारी|

28 सितम्बर को लता जयंती घोषित करने की मांग, राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंची बैतूल की आवाज | वर्ष 2022 से जारी मुहिम को जनप्रतिनिधियों का समर्थन|

बैतूल। स्वर कोकिला एवं भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर के जन्मदिन 28 सितम्बर को लता जयंती के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने की मांग को जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिल रहा है। वर्ष 2022 से सहयोग संस्था सहित विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक संगठनों द्वारा शुरू की गई इस पहल को आगे बढ़ाते हुए जनप्रतिनिधियों ने पत्राचार के माध्यम से इस विषय को राष्ट्रीय नेतृत्व तक पहुंचाया है, जिससे इस मांग को व्यापक स्तर पर विचारार्थ प्रस्तुत किया जा सके।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सुधाकर पवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि बैतूल जिले की साहित्यिक, संगीतिक और सांस्कृतिक संस्थाओं की मांग पर विचार करते हुए 28 सितम्बर को लता जयंती के रूप में मनाए जाने संबंधी उचित कार्यवाही की जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया कि इस संबंध में बैतूल जिले के केंद्रीय राज्यमंत्री द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री एवं केंद्रीय कानून और संस्कृति मंत्री को भी पत्राचार किया गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में प्रतिध्वनि संस्था, हिंदी साहित्य समिति, शब्द संस्था, स्वरांजली सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद दुर्गादास उइके से मुलाकात कर प्रधानमंत्री के नाम अनुरोध पत्र सौंपा था। प्रतिनिधिमंडल ने कहा था कि सुरों की सरताज लता मंगेशकर का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है और उनके मधुर गीतों ने भारत को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है।

संगीतप्रेमी राजीव खंडेलवाल, विजय के वर्मा ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उल्लेख किया था कि लता मंगेशकर ने अपनी सुरीली आवाज से दुनिया भर के लोगों के हृदय को स्पर्श किया है और वे सदैव स्मरणीय रहेंगी।

– केंद्रीय मंत्रियों को भी भेजे गए थे पत्र

सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने 21 फरवरी 2022 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर स्वरांजली, शब्द संस्था, प्रतिध्वनी, जन परिषद मध्यप्रदेश बैतूल शाखा एवं जिला हिन्दी साहित्य संस्था बैतूल के पत्र का संदर्भ देते हुए 28 सितम्बर को लता जयंती घोषित करने का अनुरोध किया था। इसी क्रम में केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजीजू को भी पत्र भेजकर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का आग्रह किया गया था।

– चार वर्षों से सतत जारी है मुहिम

वर्ष 2022 से प्रारंभ हुई यह पहल वर्ष 2026 में भी जारी है। सहयोग संस्था और अन्य साहित्यिक-सांस्कृतिक संगठनों का कहना है कि 28 सितम्बर को लता जयंती के रूप में राष्ट्रीय मान्यता मिलना स्वर कोकिला के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और इससे नई पीढ़ी उनके योगदान से प्रेरणा ले सकेगी। इसी उद्देश्य को लेकर इस वर्ष भी 6 फरवरी को स्वर कोकिला लता मंगेशकर की स्मृति में बैतूल के अंबेडकर चौक पर सहयोग संगीत फाउंडेशन द्वारा एक भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें नगर के संगीतप्रेमियों ने सहभागिता कर उनके गीतों के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की।

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