Comma is a path to introspection and growth: Shivani Rai: अल्पविराम आत्ममंथन और विकास का मार्ग है: शिवानी राय
आनंद की अल्प विराम कार्यशाला बैतूल के सभाग्रह में सम्पन्न

बैतूल। विकासखण्ड बैतूल में 15 अक्टूबर को एक दिवसीय अल्प विराम परिचय कार्यशाला का आयोजन कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सुर्यवंशी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अक्षत जैन के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत के सभाग्रह में आयोजित की गई। इस अवसर पर आनंद संस्थान के शोध समन्वयक विजय कुमार बारस्कर, बैतूल जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी राय, जिला समन्वयक जन अभियान परिषद प्रिया चौधरी, जिला सम्पर्क व्यक्ति महेश गुंजेले, राज्य आनंद संस्थान के मास्टर ट्रेनर नारायण फरकले, तुलिका पचौरी, दिलीप गीद की उपस्थिती में सत्र का आरंभ दीप प्रज्वलन के साथ सर्वधर्म प्रार्थना से हुआ। परिचय सत्र में जिला सम्पर्क व्यक्ति महेश गुंजेले ने आनंद विभाग की गतिविधियों के बारे में विडियो के माध्यम परिचय कराया।
– अल्पविराम आत्ममंथन और विकास का मार्ग

कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवानी राय ने कहा कि अल्पविराम आत्ममंथन और विकास का मार्ग हैं। आनंद विभाग के कार्यक्रमों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह हमें अपने भीतर की नकारात्मकता को पहचानने और उसे सकारात्मकता में बदलने का अवसर देता हैं। जब हम अपनी कमजोरियों को पहचानते हैं और उन्हे स्वीकार करते है, तभी हम अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं। यह प्रक्रिया हमें जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और संतोष की ओर ले जाती हैं। मास्टर ट्रेनर तूलिका पचौरी द्वारा जीवन का लेखा-जोखा विषय पर चर्चा कि इसमें बचपन से लेकर अब तक मेरी मदद किस-किस ने की है ? बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस की निःस्वार्थ मदद की ? बचपन से लेकर अब तक मुझे किस-किस ने दुःख दिया ? बचपन से लेकर अब तक मैंने किस-किस को दुःख दिया ? इन सत्र में सभी प्रतिभागियों द्वारा अपनी शेयरिंग दी।
– अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना हैं

मास्टर ट्रेनर दिलीप गीद द्वारा हमारे रिश्ते सत्र में विभिन्न रिश्तों पर बात करते हुए आनंद की अनुभूति और जीवन को सकारात्मक सोच की ओर ले जाने वाली विविध गतिविधियां और सत्रों में शान्त समय लेकर आत्मानुभूति करवाई गई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अल्प विराम शांत होकर आत्मा की आवाज को सुनना हैं। नारायण फरकले ने चिंता का दायरा विषय पर जीवन में सकारात्मक सोच रखने से कई चिंताओं से मुक्त रहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि चिंता चिता के समान हैं उन्होंने स्वयं की चिंता,परिवार की चिंता,समाज की चिंता विषय पर चर्चा की। जन अभियान परिषद बैतूल द्वारा सभी प्रतिभागियों को आनंद भोज कराया गया।
– 55 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया

इस कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, पशु पालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग,जल संसाधन विभाग के तथा अन्य विभाग के 55 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने आनंद विभाग से निरंतर जुड़ कर स्वयं से स्वयं की मुलाकात तथा अपने अंतर्मन की आवाज को सुनकर, स्वयं को पहचानने के साथ दूसरों की मदद करने की इच्छा व्यक्त की। फीडबैक में प्रतिभागियों ने कहा कि आनंद संस्थान की अच्छी पहल हैं, यह कार्यशाला सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है। इस कार्यशाला में सहयोग ब्लाक बैतूल के जन अभियान परिषद की टीम जिसमें रूपेश भुमरकर, पुनित दवण्डे एवं जनपद पंचायत बैतूल के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का रहा।





