Betul news: चिचोली में स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी: शासकीय अस्पताल की भूमि पर किया जा रहा बस स्टैंड निर्माण
वार्ड क्र. 15 की पार्षद श्रीमती नेहा रूपेश आर्य ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर की शिकायत

बैतूल। नगर परिषद चिचोली द्वारा शासकीय अस्पताल की भूमि पर बस स्टैंड निर्माण कार्य शुरू करने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। वार्ड क्र. 15 की पार्षद श्रीमती नेहा रूपेश आर्य ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर इस विवादित प्रकरण की जांच की मांग की है। इस विषय पर पूर्व विधायक निलय डागा और घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक ब्रह्मा भलावी ने भी कलेक्टर से चर्चा की।
नेहा आर्य के अनुसार, 26 जून 2024 को नगर परिषद चिचोली ने बस स्टैंड निर्माण कार्य प्रारम्भ कर दिया और परिसर में स्थित वृक्षों की कटाई भी शुरू कर दी गई है। चिचोली विकासखण्ड सहित भैसदेही, बैतूल, शाहपुर की करीब 1.5 लाख आबादी के लिए यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े आदिवासी जनजातीय एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए।
— स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखने का आरोप–
श्रीमती आर्य ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद चिचोली के अध्यक्ष और उनके परिवार ने अपने निजी स्वार्थ के लिए लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रखने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह परिसर अपने कब्जे में लेकर बस स्टैंड की आड़ में व्यवसायिक कॉम्पलेक्स बनाने की तैयारी में है। पूर्व में भी इनकी ओर से नगर की प्रमुख जगहों पर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं। वर्ष 2015 में तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष के पति ने बिना अनुमति के पांच आवासीय परिसरों को तोड़ दिया था। तात्कालिक खंड चिकित्सा अधिकारी श्री एन.के. चौधरी ने इस पर आपत्ति ली थी। इसके बाद कई बार निर्माण कार्य बंद कराए गए। वर्तमान में अस्पताल की भूमि स्व. बाजी वल्द भोंदू कलार द्वारा दान में दी गई थी।
— नियमों का उल्लंघन का आरोप–
नगर परिषद अध्यक्ष और उनका परिवार, जिन्हें भू-माफिया कहा जा रहा है, ने हजारों वर्गफीट जमीन पर अवैध कब्जा किया है। वर्तमान में अस्पताल परिसर में बस स्टैंड का निर्माण ध्वनि प्रदूषण का कारण बनेगा, जिससे मरीजों को परेशानी होगी। नेशनल हाईवे के शहर के करीब होने के कारण यहां आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं की अत्यंत आवश्यकता है। श्रीमती नेहा रूपेश आर्य ने जनहित में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नमुखीकरण कर सिविल अस्पताल बनाने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि अस्पताल परिसर को संरक्षित और सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं में कठिनाई न हो। श्रीमती आर्य ने शासन-प्रशासन से निवेदन किया कि उपरोक्त सभी बिंदुओं पर विचार कर व्यापक जनहित में इस कार्य को तत्काल रोका जाए और दोषियों पर कठोर दण्डात्मक कार्यवाही की जाए। अन्यथा क्षेत्र के आमजन के साथ अन्याय होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नगरीय प्रशासन आवास एवं विकास विभाग, आयुक्त नगरीय प्रशासन आवास एवं विकास विभाग संभाग नर्मदापूरम्, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बैतूल, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैतूल को प्रेषित की गई।




