Betul News: कलेक्टर साहब, एक बार पलटकर जरूर देखना, जहां से अतिक्रमण हटवाया वहां फिर कैसे हो गया
बैतूल में आगे पाठ पीछे सपाट

Betul News: बैतूल। बैतूल में प्रशासन ” आगे पाठ पीछे सपाट ” का तमगा हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे है। कलेक्टर को नित नए प्रयोग करवाकर क्षणिक वाहवाही भले ही मिल रही है पर आम जनता अब समझ रही है कि यह वक्त बदलाव का नही सिर्फ और सिर्फ दिखावे का है।

कलेक्टर ने जिले की बागडोर संभालने के बाद नगर की सुंदरता को लेकर जितने भी एक्शन लिए उनका कुछ दिन बाद क्या हश्र हुआ है यह आम जनता को दिखाई दे रहा है। बस स्टैंड पर बड़ी कारवाई कराई जिससे जनता को लगा कि उन्हें अब कुछ तो राहत मिलेगी। लेकिन आप आज चलें जाएं स्थिति पहले की अपेक्षा और बिगड़ गई है। इसमें दोष नगर पालिका का ही नही है बल्कि सरकारी धन खर्च कराकर किसी पुनीत उद्देश्य के लिए कारवाई कराने वाले अफसर भी जिम्मेदार हैं। आम जनता यह सवाल कर रही है कि कारवाई कराने के बाद एक बार भी पलटकर क्यों नही देखा गया।
अस्पताल के आसपास से सैकड़ों बार हटाए गए कब्जे:
जिला अस्पताल के आसपास और ठीक सामने अतिक्रमण कर पक्की दुकानें तक बन गईं हैं। जब कभी आला अफसर की नजर पड़ जाती है तो वे दुकानों को हटवाने के निर्देश देकर चले जाते हैं। नगर पालिका का अमला भी रस्म अदायगी कर देता है और कुछ दिन बाद दोबारा अतिक्रमण को पोषित कर देता है।

बुधवार को कलेक्टर जब अस्पताल गए तो गेट के आसपास नजर चली गई। बस फिर क्या था नगर पालिका सीएमओ को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दे दिए। साहब ने छोटी छोटी चाय, दूध मुहैया कराने वाली टपरियों का अतिक्रमण तो हटवा दिया पर जिन लोगों ने पूरा फुटपाथ, नियमों को ताक पर रखकर दुकानों का स्वरूप तक बदल डाला उस पर नजर तक नही दौड़ाई।
साहब के सामने नंबर बढ़ाने में अव्वल नपा प्रशासन
नगर पालिका प्रशासन भी कलेक्टर साहब के आदेश का त्वरित पालन कर अपने नंबर बढ़ाने में अव्वल है। साहब ने जितना काम बताया उसे तुरंत पूरा कर दो और फिर बाकी अपनी मनमर्जी चलाओ। अतिक्रमण को कौन पनपा रहा है यदि यही समझ लिया जाए तो होगा ही नही। नपा के कौन जिम्मेदार अतिक्रमण करने वालों को ऐसा दस्तावेज मुहैया करा देते हैं जिससे बिजली का कनेक्शन उन्हें मिल जाता है। इस सवाल की पड़ताल कर ली जाए तो गुमठी और अतिक्रमण को पालने वाले बेनकाब हो जाएंगे। पर ऐसा करेगा कौन.. सभी को तो नंबर बढ़ाने में रुचि है..आम जनता तो जाम लगने के बाद भी खुश है, सड़क पर लग रहे बाजार में धक्के खाने में भी उसे कोई दिक्कत नही है…नेताओं को किसी से बुराई नही लेना है…बस कागजों में मेरा बैतूल नंबर 1 बनाना ही सभी का लक्ष्य है।
इन उदाहरणों से समझें…
1.बडोरा में अतिक्रमण हटाने के बाद क्यों लग रहा जाम।
2.बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधाओं पर एजेंटों का कब्जा क्यों नही हट रहा।
3.लल्ली चौक से मुल्ला पेट्रोल पंप तक सड़क के किनारे से कब्जे क्यों नही हट पाए।
4.क्यों कलेक्ट्रेट के सामने अतिक्रमण को नही हटाया जा सका।
5.बेसमेंट में दुकानें चलाने वालों पर एक्शन क्यों बंद कर दिया गया।
6.अस्पताल में बार बार निरीक्षण करने की नौबत क्यों आ रही है।
7.मंडी में निरीक्षण करने के बाद भी क्यों नही बदली सूरत।
8. जिस कालोनी का निरीक्षण किया था उसके मालिक पर एफआईआर के निर्देश दिए थे…हो गई क्या..??




