गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर बैतूल में निकला ऐतिहासिक नगर कीर्तन, धर्ममय हुआ शहर

बैतूल। सिख धर्म के नौवें गुरु, हिन्द दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान दिवस पर गुरुद्वारा गुरु सिंघ सभा बैतूल द्वारा सोमवार को दोपहर दो बजे जागृति नगर कीर्तन यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। नगर कीर्तन शहर के प्रमुख मार्गों से निकाला गया, जिसमें पंज प्यारे शोभा बढ़ा रहे थे। शोभायात्रा के दौरान शरबत वितरण के समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया और सिख समाज के युवाओं व सेवकों ने यह सुनिश्चित किया कि सड़क पर कहीं भी डिस्पोजल सामग्री इधर-उधर न फेंकी जाए। पंजाबी समाज की महिलाओं ने झाड़ू और पानी से मार्ग को पवित्र किया और उसी राह से शोभायात्रा आगे बढ़ी।

चलित कीर्तन के लिए ट्रक पर विशेष प्रबंध किया गया जो नगर कीर्तन का मुख्य आकर्षण रहा। यात्रा के दौरान फूल मालाओं और पुष्प वर्षा के साथ पांच प्यारों तथा शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर उनके अमर बलिदान को याद कर श्रद्धा और गर्व का भाव उमड़ पड़ा।

– शोभा यात्रा का इन्होंने किया स्वागत

नगर कीर्तन के स्वागत में श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति द्वारा दिलबहार चौक पर पुष्प वर्षा एवं गर्म दूध से सेवा की गई। सहानी एंड संस द्वारा लश्करे अस्पताल के सामने पूर्ण लंगर, फल, शरबत आदि का वितरण किया गया। मदान परिवार द्वारा गंज चौक पर पुष्प वर्षा और जल सेवा की गई। वहीं भाटिया परिवार ने बस स्टैंड पर पुष्प वर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया। इस अवसर पर श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति बैतूल के अध्यक्ष दीपक खुराना के साथ कश्मीर लाल बतरा, अमीर झाम, मंजीत सिंह सहानी, दीपक सलूजा, श्याम मदान, बलवंत मदान, प्रकाश मदान, राजेश मदान, धीरज मदान, कुशकुंज अरोरा, विजय सलूजा, राकेश आहूजा, मनोज बतरा, मुकेश गुप्ता, चिंटू सतीजा, दीपक सतीजा, महेश सोनी, दिलखुश सहानी, पवन सहानी, जगजोत सिंह सहानी सहित कई सामाजिक बंधुओं ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया और सेवा की भावना का परिचय दिया।

– सीस दीआ पर सिरड न दीआ…

श्री योग वेदांत सेवा समिति के संरक्षक राजेश मदान ने कहा धरम हेत साका जिनि कीआ, सीस दीआ पर सिरड न दीआ… धर्म रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सिख धर्म के नौवें गुरु, हिन्द दी चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी को नगर कीर्तन के माध्यम से उनके साहसिक जीवन को याद किया गया। उनका त्यागमय और बलिदानी जीवन सदैव सत्य और न्याय के लिए खड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा। बैतूल ने इस ऐतिहासिक नगर कीर्तन यात्रा के माध्यम से गुरुजी के महान बलिदान को याद कर धर्म और मानवता के प्रति अपनी आस्था का संदेश दिया।

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