Betul news: बैतूल की शान बनी किसान की बेटी दीक्षा बोबडे, कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति के सामने की परेड

गाजे बाजे के साथ 75 कैडेट्स ने फूलमालाओं से किया स्वागत


बैतूल। साधारण किसान परिवार में जन्मी दीक्षा बोबडे ने अपनी कड़ी मेहनत और साहस से वह कर दिखाया, जो लाखों युवाओं का सपना होता है। गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति के सामने कर्तव्य पथ पर परेड करने के बाद जब वह बैतूल लौटीं, तो उनका महाविद्यालय में भव्य स्वागत और सम्मान किया गया।
एनसीसी की सीनियर अंडर ऑफिसर दीक्षा बोबडे 5 एमपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी नर्मदापुरम की कैडेट हैं। जयंती हाक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बैतूल में आयोजित समारोह में एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल दिनेश कनौजिया, ट्रेनिंग ऑफिसर विजय पाल सिंह, रोहित सिंह, शब्बीर अहमद, अमीर अशरफ, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर मीनाक्षी चौबे, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉक्टर कमलेश अहिरवार, एनएसएस जिला संगठक डॉक्टर सुखदेव डोंगरे और प्रोफेसर किरण खातरकर ने दीक्षा को नगद 4 हजार और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
लगभग 75 एनसीसी कैडेट्स ने फूलमालाओं और पुष्पगुच्छों से दीक्षा का भव्य स्वागत किया। उन्हें बैंड बाजे के साथ विवेकानंद सभागृह तक ले जाया गया, जहां सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कर्नल दिनेश कनौजिया ने इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं को सेना भर्ती प्रक्रिया, एसएसबी चयन प्रक्रिया और एनसीसी के बी एवं सी प्रमाणपत्रों की उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉक्टर कमलेश अहिरवार ने बताया कि दीक्षा बोबडे किसान परिवार से हैं। उनकी माता चंपा बोबडे और पिता हीरालाल बोबडे की बेटी हैं। वह बीएससी तृतीय वर्ष बायोलॉजी की छात्रा हैं और हमेशा अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से महाविद्यालय का नाम रोशन करती रही हैं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर मीनाक्षी चौबे ने दीक्षा की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अंडर ऑफिसर पल्लवी पवार, सोनाली देशमुख, पूनम महस्की, भूमिका राने, किरण धुर्वे, डाली परिहार, श्वेता झाड़े सहित अन्य एनसीसी कैडेट्स का सराहनीय योगदान रहा।

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