राष्ट्रीय सैनिक संस्था के अधिवेशन में बैतूल की रही सक्रिय भागीदारी।
बैतूल से अंश सेवा समिति जिला अध्यक्ष एवं पदाधिकारी रहे उपस्थित ।

बैतूल। देश की आंतरिक सुरक्षा पर मंथन के लिए 24 फरवरी को नई दिल्ली के राजघाट स्थित गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के सत्याग्रह मंडप में आयोजित राष्ट्रीय सैनिक संस्था के 18वें राष्ट्रीय अधिवेशन में बैतूल जिले की उल्लेखनीय सहभागिता दर्ज की गई।

कार्यक्रम में बैतूल से अंश सेवा समिति जिला अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) सावी मालवी तथा बालाघाट जिले के बारा सिवनी के 94 वर्षीय हीरालाल ताम्रकार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। हीरालाल ताम्रकार ने देशहित और मानवता के मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस को न्याय दिलाने तथा उन पर लगे युद्ध अपराधी के कलंक को हटाने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश भले ही गोरे अंग्रेजों से आजाद हो गया हो, लेकिन आज भी कई मानसिकताएं देशहित के विरुद्ध काम कर रही हैं। उन्होंने गोवा आंदोलन में अपनी भागीदारी और उसमें अंगुली क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख करते हुए बताया कि मान-सम्मान और पेंशन प्राप्त करने के लिए उन्हें सात मुख्यमंत्रियों के सामने 42 वर्षों तक प्रयास करना पड़ा। अब उन्होंने 1857 से 1947 के बीच अंग्रेजों द्वारा प्रताड़ित स्वतंत्रता सेनानियों को पेंशन और सम्मान दिलाने के लिए केंद्र व राज्य स्तर पर एक-एक लाख रुपये की सहायता सुनिश्चित कराने हेतु गृह मंत्रालय से सुप्रीम न्यायालय के आदेश का पालन कराने की मांग उठाई।

अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह तथा बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने ऑडियो-वीडियो संदेश भेजे। राजनाथ सिंह ने कहा कि पूर्व सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी सेना के मूल्यों को जीता है और समाज में आदर्श की भूमिका निभाता है, इसलिए उसे राष्ट्रीय एकीकरण और चरित्र निर्माण में आगे आना चाहिए। आरिफ मोहम्मद खान ने आंतरिक सुरक्षा में पूर्व सैनिकों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, जबकि वी के सिंह ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी पूर्व सैनिकों की पहचान है और वे आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं।
मुख्य अतिथि उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा गंभीर विषय है और स्थानीय स्तर पर पूर्व सैनिक आतंकी गतिविधियों को सहयोग देने वालों की पहचान कर समय रहते एजेंसियों को सतर्क कर सकते हैं। उन्होंने प्रत्येक सदस्य को कम से कम 108 नए सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया।
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के संस्थापक स्वामी चिदानंद सरस्वती ने ट्री वॉल अभियान की बात कही। विश्व शांति केंद्र के संस्थापक आचार्य लोकेश सनातनी ने संगठन की भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बताया। प्रोफेसर पवन सिन्हा गुरु जी ने रियलिटी आधारित चरित्र निर्माण पर बल दिया। आंध्र प्रदेश सरकार के सलाहकार श्री राजन छिब्बर ने नेवर गिव अप का संदेश दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने पूर्व सैनिकों को राष्ट्रीय एकीकरण का प्रतीक बताया।
तेलंगाना के मेजर जनरल श्रीनिवास, तमिलनाडु के मेजर जनरल इन्द्राबालान, राजस्थान के मेजर जनरल अनुज माथुर और उत्तराखंड के मेजर जनरल एम एल असवाल ने आंतरिक सुरक्षा में पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता रखी। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित पुणे की श्रीमती अमृता भारती ने महिलाओं की भागीदारी पर जोर दिया। एयर कमोडोर सुरेन्द्र सिंह, ब्रिगेडियर सुनील गाउपांडे, कमोडोर विजेल बबेले, कर्नल डिमरी, कर्नल एम के शर्मा, कर्नल नरेश कुमार और कर्नाटक से कर्नल गुरुराज सहित अन्य वक्ताओं ने स्लीपर सेल की पहचान में स्थानीय समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रीय सैनिक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी ने सुझाव दिया कि देश की दो दर्जन से अधिक खुफिया एजेंसियों के लिए एक कमांडर नियुक्त किया जाए और संयुक्त अभियान एक आदेश प्रणाली में संचालित हों। स्लीपिंग सेल को संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी रखी गई।
अधिवेशन में दो संकल्प लिए गए। पहला, समाज में शत प्रतिशत सहनशीलता का पालन, लेकिन देश की सुरक्षा पर शून्य सहनशीलता। दूसरा, सोशल मीडिया पर युवाओं के रेडिकलाइजेशन को निष्क्रिय करने के लिए देशभक्ति आधारित अभियान चलाना।
1971 के शहीद सिपाही की पत्नी लीलावती को सम्मानित किया गया। शहीद परिवारों के लिए कार्य करने वाले हरीश चन्द्र बद्रीनाथ राठौड, डॉ श्रीमती अर्चना देशमुख, मुकेश कुमार त्यागी, सजय प्रजापति और गौरव सेनानी जान सिंह को प्रतीक चिन्ह प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर नीलम पवार और श्रीमती सीमा त्यागी ने किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजीव जोली खोसला, गौरव सेनानी ज्ञान सिंह, चन्दन सिंह, गणेश दत्त, राजेन्द्र त्रिपाठी, उषा राणा, स्वाति बंसल और पुष्कर बिष्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस अधिवेशन में बैतूल की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि जिला भी देश की सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण के विमर्श में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।




