पहली बार निकली जगन्नाथ रथ यात्रा से पावन हुई बैतूल नगरी

बैतूल। बैतूल के लिए आज का दिन इतिहास के पन्नों में हमेशा याद रहेगा। अवसर था, जगन्नाथ जी की रथ यात्रा का। वैसे तो अमूमन धार्मिक माहौल में वर्षों से रचा बसा एवं साम्प्रदायिक सद्भाव की मिशाल बना बैतूल शहर में समय-समय पर अनेक आयोजन होते है लेकिन देवशयनी एकादशी के शुभ अवसर पर 25 जुलाई शनिवार को पूरे भक्ति-भाव के साथ पहली बार निकली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इतिहास रच दिया। इस्कॉन इंदौर के मार्गदशर्न में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा समिति ने माता मंदिर गंज से रथ यात्रा प्रारंभ की। फूलों से सजे धजे रथ में सवार भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र एंव बहन सुभद्रा दर्शन देने निकले तो श्रद्धालु उनकी एक झलक पाकर धन्य हो गए थे। यात्रा के दौरान जय जगन्नाथ- हरि बोल के जय घोष से आसमान गूंज उठा था। रथ यात्रा के समापन पर इस्कॉन इंदौर के महा मनदास आदि संतों ने प्रवचन दिए।
– झूमते-नाचते चल रहे थे श्रद्धालु
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा समिति के अरूण सिंह किलेदार एवं राजेश आहूजा ने बताया कि माता मंदिर गंज से शाम चार बजे भगवान जगन्नाथ की पवित्र रथ यात्रा प्रारंभ हुई तो पूरा क्षेत्र भक्ति के माहौल में डूब गया था। इसके पूर्व यहां पहुंचे इस्कॉन इंदौर के महा मनदास ने फूलों से सजे-धजे रथ में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलबद्र एंव बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना के साथ आरती संपन्न कराई बाजे-गाजे के साथ प्रारंभ हुई रथ यात्रा में इस्कॉन इंदौर की दस सदस्यीय टीम मृदंग एवं मजीरे बजाकर भगवान कृष्ण के भजन गाते चल रहे थे वहीं श्रद्धालु अपने को भी भक्ति भाव में लीन कर डीजे पर बज रहे भजन जगन्नाथ जगन्नाथ चक्का नैन, नीलाचल वाले, तू ना संभाले तो हमें कौन संभाले पर
नाचते-गाते चल रहे थे। श्रद्धालु यात्रा के दौरान जय जगन्नाथ हरि बोल के जय घोष लगा रहे थे। उन्होंने बताया कि रथ को खींचने के लिए महिला, पुरुषों के अलावा बच्चे भी काफी उत्सुक थे।
– रथ का जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत
आयोजन समिति से जुड़े योगी खंडेलवाल एवं जैमिन पटेल ने बताया कि रथ यात्रा कांतिशिवा चौक, दिल बहार चौक, मस्जिद चौक, एचडीएफसी बैंक से तांगा स्टैंड चौक से होते हुए आदित्य होंडा शोरूम के सामने से निकलकर शाम करीब पांच बजे रामकृष्ण बगिया पहुंची। इन मार्गों में श्रद्धालुओं ने रथ यात्रा का जगह-जगह फूल मालाओं से स्वागत किया. रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालु रथ खींचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र एवं सुभद्रा के दर्शन पाकर अभिभूत हो गए थे. उन्होंने बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने रथयात्रा का आत्मीयता के साथ जोरदार स्वागत किया।
– बनी परंपरा आगे भी जारी रहेगी
आयोजन से जुड़े हेमंत पगारिया, अतुल पगारिया एवं रामानुज माहेश्वरी ने बताया कि रथ यात्रा के आयोजन पर इस्कॉन इंदौर से मार्गदर्शन लेकर करीब एक माह से तैयारी चल रही थी। जन सहयोग से सफल हुई रथ यात्रा की परंपरा को आगे भी बनाए रखने का समिति ने निर्णय लिया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं खासकर महिलाओं, बच्चों एवं बुर्जुगों को असुविधा नहीं हो इसको लेकर गंभीरता के साथ पूरी सावधानी बरतने से यात्रा में किसी को भी दर्शन करने एवं रथ खींचने में असुविधा नही हुई. उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं यातायात पुलिस के प्रति व्यवस्था बनाने में मिले सहयोग एवं धर्मप्रेमी नागरिकों के प्रति अपार स्नेह के प्रति आभार माना।
– जगह जगह लगे थे फलों, स्वल्पाहार के स्टाल
भगवान जगन्नाथ की यात्रा के दौरान सेवाभावी लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए जगह जगह फलों,स्वल्पाहार एवं चाय के स्टाल लगाए थे। यहां रथ के पहुंचने पर भगवानों का फूलों से स्वागत भी किया गया।




