Application ineffective in public hearing: कमिश्नर के आदेश को हवा में उड़ा रहे शिक्षा विभाग के अधिकारी, दो साल से जनसुनवाई में आवेदन बेअसर

डब्लू सी एल की भूमि पर अवैध कब्जा, बिना दस्तावेजों के संचालित हो रहा एस ई एस स्कूल, शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में

 

कलेक्टर बैतूल को डब्ल्यूसीएल की भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। इसके बावजूद, न तो कलेक्टर ने और न ही शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई की।

बैतूल। शिक्षा विभाग के अधिकारी कमिश्नर के आदेश को नजरअंदाज करते हुए डब्ल्यूसीएल की भूमि पर नियम विरुद्ध तरीके से स्कूलों को संचालित कर रहे हैं। शिकायतकर्ता रमेश गव्हाड़े दो साल से जनसुनवाई में आवेदन कर रहे हैं, लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। बैतूल के स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी भी आयुक्त नर्मदापुरम संभाग के आदेश का पालन करने में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

शिकायतकर्ता रमेश गव्हाड़े ने 4 नवंबर 2022 को कमिश्नर नर्मदापुरम संभाग से अपील की थी, जिसमें कलेक्टर बैतूल को डब्ल्यूसीएल की भूमि से अवैध कब्जा हटाने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया था। इसके बावजूद, न तो कलेक्टर ने और न ही शिक्षा विभाग ने कोई कार्रवाई की। सादिक अहमद रिजवी की अवैध गतिविधियों के चलते डब्ल्यूसीएल की लगभग दो एकड़ भूमि पर कब्जा किया गया है और एस ई एस स्कूल की मान्यता की शिकायत की जांच में शिकायत सही पाई गई है, लेकिन फिर भी स्कूल शिक्षा विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस लापरवाही के चलते, स्कूल विभाग के अधिकारी नियमों के साथ स्कूल संचालित करने वाले स्कूल संचालकों के साथ अन्याय कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता रमेश गव्हाड़े का आरोप है कि डब्लू सी एल पाथाखेड़ा की भूमि पर डब्लू सी एल के अधिकारी सादिक अहमद रिजवी और उनके परिवार द्वारा बिना भवन भूमि के दस्तावेजों के एसईएस स्कूल संचालित किया जा रहा है। इस स्कूल की मान्यता समाप्त करने की कार्यवाही में भी शिक्षा विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है। डब्लू सी एल पाथाखेड़ा क्षेत्र के अधिकारियों की मेहरबानी से सादिक अहमद रिजवी अवैध कब्जा कर भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं।

–क्वार्टर और जमीन पर किया कब्जा– 

पाथाखेड़ा क्षेत्र से स्थानांतरण हुए एक साल से भी अधिक समय हो चुका है, लेकिन सादिक अहमद रिजवी ने अभी तक आवंटित क्वार्टर टाईप 3 म.न., 142 को खाली नहीं किया है। इसके आसपास की डब्लू सी एल की भूमि पर भी अवैध निर्माण कर लिया गया है और मोम टू मोम स्कूल खसरा न146/4 पर चलाया जा रहा है। इसके अलावा गरीब आदिवासी महिलाओं के खसरा 146/1, 146/2, 146/3 पर भी कब्जा किया हुआ है।

— जिला प्रशासन की उदासीनता– 

गव्हाड़े ने बताया कि कमिश्नर नर्मदापुरम संभाग ने 4 नवंबर 2022 को अपील की सुनवाई करते हुए कलेक्टर बैतूल को 15 दिनों में डब्लू सी एल की भूमि से अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। तहसीलदार, राजस्व विभाग और स्कूल विभाग के बीच टालमटोल के कारण स्कूल संचालक पालकों को गुमराह कर लाखों रुपये कमा रहे हैं।

— जनसुनवाई में भी हो रही अनदेखी– 

रमेश गव्हाड़े का आरोप है कि वे दो साल से जनसुनवाई में आवेदन और कमिश्नर के आदेश के साथ शिकायत कर रहे हैं, लेकिन ब्लाक स्तर और जिला स्तर के अधिकारियों की कृपा से स्कूल अभी भी संचालित हो रहा है। इस अनदेखी और उदासीनता से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है।

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