आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलेगा रुका मानदेय।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला- 1.80 लाख कार्यकर्ता-सहायिकाओं को एरियर समेत भुगतान के निर्देश। सुनीता राजपाल बोलीं- सरकार ने वर्षों तक रोका बहनों का हक।

सुनीता राजपाल जिला अध्यक्ष आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका एकता यूनियन सीटू बैतूल।
बैतूल। मध्यप्रदेश की करीब 1.80 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के पक्ष में जबलपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विशाल धगट की सिंगल बेंच ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि केंद्र सरकार द्वारा बढ़ाया गया मानदेय एरियर सहित 6 प्रतिशत ब्याज के साथ जल्द भुगतान किया जाए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका एकता यूनियन सीटू की जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश उपाध्यक्ष सुनीता राजपाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि केंद्र सरकार ने 11 सितंबर 2018 को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में 1500 रुपए और सहायिकाओं के मानदेय में 750 रुपए प्रतिमाह वृद्धि की थी, जिसे 1 अक्टूबर 2018 से लागू किया गया था। आरोप है कि प्रदेश सरकार ने इस राशि को समायोजन बताकर भुगतान नहीं किया।
उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल 2018 से पहले कार्यकर्ताओं को कुल 5 हजार रुपए और सहायिकाओं को 2500 रुपए मानदेय मिलता था। बाद में राज्य सरकार ने इसे बढ़ाकर क्रमश: 10 हजार और 5 हजार रुपए किया। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त वृद्धि लागू होने पर कार्यकर्ताओं को 11,500 और सहायिकाओं को 5750 रुपए मिलना चाहिए था, लेकिन बढ़ी राशि का भुगतान नहीं किया गया।
इस मामले में सीटू यूनियन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 21 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए राज्य सरकार को रोकी गई राशि एरियर सहित भुगतान करने के निर्देश दिए।
हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2022 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए सेवानिवृत्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को ग्रेच्युटी भुगतान करने के भी निर्देश दिए हैं।
सुनीता राजपाल और महासचिव पुष्पा वाईकर ने कहा कि कुछ संगठन इस फैसले का गलत श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि यह लड़ाई सीटू यूनियन ने अदालत में लड़ी। उन्होंने कार्यकर्ता और सहायिकाओं से भ्रामक प्रचार से बचने की अपील की।
फैसले का स्वागत करते हुए यूनियन पदाधिकारियों ने हाईकोर्ट के प्रति आभार जताया। इस दौरान कुंदन राजपाल, जगदीश डिगरसे, सविता आर्य, आशा सुरजे, योगिता शिवहरे, इंद्रा भारद्वाज, सुनीता तिवारी, ललिता वर्मा, सोनम तायवाड़े और संगीता कनाठे सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।




