जिले में फर्जी लैब का खेल? बिना पैथोलॉजिस्ट रिपोर्ट बांटने के आरोप…
जांच रिपोर्ट पर नहीं हस्ताक्षर, खुले में फेंका जा रहा मेडिकल वेस्ट; एनएसयूआई ने दी आंदोलन की चेतावनी।

बैतूल। आदिवासी अंचल बैतूल जिले में कथित फर्जी पैथोलॉजी लैबों के संचालन को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर जिले में लंबे समय से संचालित कथित अवैध पैथोलॉजी लैबों को तत्काल बंद कराने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
एनएसयूआई चिचोली ब्लॉक अध्यक्ष अमन खान ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि बैतूल आदिवासी बहुल जिला है, जहां स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और जागरूकता अपेक्षाकृत कम होने का फायदा उठाकर कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही हैं। संगठन का आरोप है कि कई लैबों में बिना योग्य और पंजीकृत लैब टेक्नीशियन के ब्लड सैंपल की जांच की जा रही है, जबकि तय नियमों के अनुसार प्रशिक्षित एवं वैध तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी अनिवार्य है।
ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि कई पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट मरीजों को बिना पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर के ही सौंप दी जाती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी जांच रिपोर्ट पर अधिकृत पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर उसकी वैधता और प्रमाणिकता के लिए जरूरी माने जाते हैं। ऐसे में बिना हस्ताक्षर जारी रिपोर्टों के आधार पर मरीजों का इलाज होना गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है।
– सुरक्षा मानकों की अनदेखी
एनएसयूआई ने यह भी आरोप लगाया कि कई लैबों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए मेडिकल और बायो-वेस्ट खुले में फेंका जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे संक्रमण और गंभीर स्वास्थ्य खतरे उत्पन्न हो सकते हैं। संगठन का कहना है कि पैथोलॉजी लैबों से निकलने वाला वेस्ट तय प्रोटोकॉल के तहत नष्ट किया जाना चाहिए, लेकिन कई जगह नियमों का पालन नहीं हो रहा।
– शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं
मामले को और गंभीर बनाते हुए अमन खान ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी इस विषय में जिला प्रशासन को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है।
– जिलेभर की पैथोलॉजी लैबों की निष्पक्ष जांच हो
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी स्वास्थ्य संबंधी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। संगठन ने जिलेभर की पैथोलॉजी लैबों की निष्पक्ष जांच कर बिना अनुमति संचालित लैबों को तत्काल बंद कराने, वैध दस्तावेजों की जांच करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।




