खरीदी केंद्रों पर पहुंचकर कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने खोली व्यवस्थाओं की खोली पोल।
गेहूं खरीदी में गड़बड़ियों पर डागा का सीधा वार, बोले किसानों के साथ हो रहा अन्याय।

बैतूल। गेहूं खरीदी को लेकर जिले में उभर रही अव्यवस्थाओं के बीच कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा शनिवार 25 अप्रैल को गेहूं खरीदी केंद्र भोगीतेढ़ा और खेडीसावलीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने व्यवस्थाओं का मौके पर जायजा लिया। इसके बाद वे किसानों की समस्या सुनने सीधे हिवरखेड़ी, बोरगांव और कोदारोटी गांव किसानों के बीच पहुंचे और खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से सुना। किसानों ने खुलकर अपनी परेशानियां रखीं, जिस पर डागा ने आश्वस्त किया कि उनकी आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा और खरीदी व्यवस्था में सुधार के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। डागा ने साफ कहा कि केंद्रों पर अव्यवस्था किसानों के साथ सीधा अन्याय है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डागा ने खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करते हुए पाया कि व्यवस्थाएं कागजों में हैं, जमीनी स्तर पर हालात पूरी तरह बिगड़े हुए हैं। किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, तौल और भुगतान को लेकर स्पष्टता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएं कागजों तक सीमित हैं और केंद्रों पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती।
– समर्थन मूल्य पर सरकार को घेरा
श्री डागा ने कहा कि सरकार ने 2585 रुपये समर्थन मूल्य घोषित किया और 40 रुपये बोनस की बात कही, जबकि चुनाव में 2700 रुपये देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत के इस दौर में किसानों को कम से कम 3000 रुपये प्रति क्विंटल मिलना चाहिए। यह किसानों का हक है, कोई एहसान नहीं।
उन्होंने कहा कि पहले 16 मार्च, फिर 23 मार्च और उसके बाद बारदाने का बहाना बनाकर खरीदी टाल दी गई। कांग्रेस के विरोध के बाद 9 अप्रैल से खरीदी शुरू हुई, लेकिन तब तक किसान आर्थिक दबाव झेल चुका था। डागा ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी देरी क्यों हुई और जिम्मेदारी किसकी है।
– पंजीयन और वेरिफिकेशन ने किया परेशान
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि ऑनलाइन पंजीयन, स्लॉट बुकिंग और सेटेलाइट वेरिफिकेशन जैसी जटिल प्रक्रिया ने किसानों को परेशान कर दिया है। गरीब किसान रोजाना कियोस्क सेंटरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे राहत नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था सुविधा के नाम पर किसानों को उलझाने का काम कर रही है।
श्री डागा ने कहा कि एक खरीदी केंद्र पर 1000 क्विंटल की सीमा तय करना पूरी तरह गलत है। पिछले साल ऐसी कोई सीमा नहीं थी। 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य केवल कागजों में नजर आता है। उन्होंने कहा कि सरकार खरीदी कम और शर्तें ज्यादा लगा रही है, जिससे किसान परेशान हो रहा है।
– डिफाल्टर घोषित कर ब्याज वसूली करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण
उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक गेहूं नहीं बिकने की स्थिति में ऋणी किसान कर्ज कैसे चुकाएगा। इसके बाद उसे डिफाल्टर घोषित कर ब्याज वसूली करना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। यह किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।
इस दौरान किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगदीश गोचरे, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजू चौबे, ब्लॉक प्रभारी राहुल पटेल, मंडलम अध्यक्ष गिरीश साबले, सुभाष राठौर, प्रकाश धोटे, वरिष्ठ नेता सुरेंद्रसिंह चंदेल, नारायण सरले, तिलक गोरिया, रमेश पवार, सुभाष पवार, शिव पटेल, विधानसभा युवक कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतेश गंगारे, प्रदीप पवार, गोलू भूमरकर, कमलेश धोटे, संदीप राजपूत, गुलाब राठौर, गजेंद्रसिंह चंदेल, हेमसिंह ठाकुर, करण राजपूत, संतोष तोमर, जनपद सदस्य धन्नू उइके, हंसराज अड़लक, बबन उघड़े, राजेश धोटे, हरीष पिंटू लिखितकर, मुकेश यादव, यतीन्द्र सोनी, भदवा सरियाम, भद्दू झर्रे, शिवप्रसाद साहू, मयंक सोनी, हृदयराम पटेल, मंतू कुमरे सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
डागा ने साफ कहा कि किसानों के हक और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। खरीदी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।




