Accusation of erasing the identity of the village: एनएचएआई और बसंल कंपनी पर गांव की पहचान मिटाने का आरोप

ग्राम रोंढा की पहचान बचाने की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बैतूल। ग्राम रोंढा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए एनएचआई इन्दौर इकाई और बसंल कंपनी पर गांव की पहचान मिटाने का आरोप लगाया है। ग्राम रोंढा में जन्में रामकिशोर दयाराम पवार रोंढावाला ने बताया कि बैतूल जिले का ऐतिहासिक और प्राचीन गांव रोंढा, जो गेहूं और गुड़ उत्पादन में अग्रणी है, अब पहचान के संकट से जूझ रहा है।

— गांव को मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ा गया–

रामकिशोर पवार के अनुसार, नेशनल हाईवे बनाने वाली शासकीय एजेंसी एनएचआई और सड़क निर्माण करने वाली कंपनी ने जानबूझकर हाईवे बनाते समय गांव रोंढा को मुख्य मार्ग से नहीं जोड़ा। इसके परिणामस्वरूप, देश और प्रदेश से इस मार्ग पर आने-जाने वाले लोग इस गांव से अनभिज्ञ रह जाते हैं। फोर लेन हाईवे के निर्माण में गांव के दोनों प्रमुख मार्गों को जोड़ने का कोई प्रयास नहीं किया गया, जिससे गांव की पहचान लगभग मिटा दी गई है।

— पहले भी हो चुका है प्रदर्शन–

इससे पहले भी ग्रामीणों ने एनएचआई और बसंल कंपनी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा था और धरना प्रदर्शन किया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से बने नेशनल हाईवे से इस गांव को जोड़ा गया था, तो अब क्यों इसे अछूता रखा गया है?

— रोंढा गांव की महत्वपूर्ण जानकारी–

रोंढा ग्राम पंचायत, बैतूल तहसील और जनपद के अंतर्गत आता है और यह मध्यप्रदेश के बैतूल जिले का हिस्सा है। इस गांव की कुल जनसंख्या 1865 है, जिसमें 48.3 प्रतिशत महिला जनसंख्या है। गांव की साक्षरता दर 76.6 प्रतिशत है। ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान तरुण कालभोर और उप प्रधान प्रदीप डिगरसे हैं। गांव का पिन कोड 460001 है और यह बैतूल से 10 किमी दक्षिण और भोपाल से 191 किमी दूर स्थित है।

— ग्रामीणों की मांग–

ग्राम रोंढा के निवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि गांव को मुख्य मार्ग और नेशनल हाईवे से जोड़ा जाए, ताकि गांव की पहचान बनी रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह गांव न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यहां की कृषि और उत्पाद भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में, इस गांव की पहचान को बचाना आवश्यक है।

— प्रशासन से अपेक्षाएं–

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि गांव की पहचान को मिटाने का प्रयास अस्वीकार्य है। कलेक्टर से निवेदन किया गया है कि वे एनएचआई और बसंल कंपनी के खिलाफ उचित कार्रवाई करें और गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

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