संत गाड़गे महाराज की 150वीं जयंती पर निकली शोभायात्रा।
लक्ष्मी तरु पौधा वितरण के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश। 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजन बने मुख्य अतिथि, बच्चों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति।

बैतूल। संत गाड़गे महाराज की 150वीं जयंती पर जिला रजक समाज, बैतूल द्वारा संत गाड़गे धाम, भुजरिया घाट टिकारी से सुबह 11 बजे वाहन रैली के साथ शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सेवा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रमुखता से दिया गया। हाथ में गड़गा और झाड़ू लेकर राजू एनिया आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः संत गाड़गे धाम पहुंची। समाज के युवा, महिलाएं, वरिष्ठजन एवं नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। मार्ग में संत गाड़गे महाराज के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। विभिन्न संगठनों एवं प्रतिष्ठानों ने पुष्प वर्षा कर बाबा के छायाचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। जिलाध्यक्ष तुलसी मालवी ने सभी स्वागतकर्ताओं को सामूहिक रूप से लक्ष्मी तरु का पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया।

दोपहर 1 बजे धाम परिसर में जयंती महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मदन हिरे ने की तथा कार्यक्रम प्रभारी मनोज तायवाड़े रहे। समाज के 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठजनों को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मानपूर्वक मंचासीन किया गया। बच्चों ने लोक संस्कृति एवं धार्मिकता से परिपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किए, जिनके लिए उन्हें उपहार एवं लक्ष्मी तरु का पौधा प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। बासनेर कला निवासी बलदेव सोलंकी ने स्वलिखित कविता प्रस्तुत की।

अपने उद्बोधन में जिलाध्यक्ष तुलसी मालवी ने घोषणा की कि सामाजिक मंगल भवन आर्थिक रूप से कमजोर सामाजिक एवं गैर सामाजिक दोनों परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए निःशुल्क उपलब्ध रहेगा। मंच संचालन रविकिरण तायवाड़े एवं शशि कुमार जागरे ने किया। इस अवसर पर सभी आगंतुकों को समृद्धि के प्रतीक लक्ष्मी तरु का पौधा भेंट किया गया तथा वरिष्ठजनों का विशेष रूप से पौध भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन सायं 4 बजे सामूहिक भोजन प्रसादी के साथ हुआ। जिला रजक समाज, बैतूल ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाजजनों, पदाधिकारियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।





