Betul news:ग्राम पंचायत के कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर रेट पर वेतन देने की मांग
ग्राम पंचायत के कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर रेट पर वेतन देने की मांग

बैतूल। जिले की ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मी, भ्रत्य, चौकीदार अपनी सेवा में कार्यरत है, जिन्हे श्रम अधिनियमों के विपरीत मनमाने तौर पर मानदेय दिया जा रहा है। जिसके कारण ग्राम पंचायत में काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आर्थिक संकट के साथ अपनी आजीविका चलाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं।
मंगलवार को सफाई कर्मी, भ्रत्य, चौकीदार, कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ो कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। संगठन के अनिल यादव, सियाराम बिसोने, राजू लहरपुरे, विजय लवाय आदि कर्मचारियों ने बताया कि कलेक्टर और जिला पंचायत अधिकारी से कई बार अनुरोध किया गया है। लेकिन सुनवाई आज तक नहीं हुई है। चौकीदार कर्मचारी मात्र 3 हजार मानदेय में 24 घंटे में से 20 घंटे सेवा प्रदान कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि नियुक्ति दिनांक से आज तक हम सफाईकर्मी भृत्य, चौकीदार कर्मचारियों का वेतन 3 हजार रूपये प्रतिमाह की दर से किया जाता है जो कि आज कि स्थिति में खर्च चलाने में काफी कम है। हम कर्मचारी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक ग्राम पंचायत में उपस्थित रहते है जिससे हम अन्य कार्य भी नहीं कर पाते है।सफाई कर्मी, भ्रत्य, चौकीदार कर्मचारियों ने मांग की है कि कलेक्टर दर पर उन्हें वेतन दिया जाए ताकि वे अपने परिवार व अपने बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान कर सके। इसके साथ ही उन्होंने अंशकालीन से स्थायी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश धोटे, भोला राजपूत, अरुण विश्वकर्मा, बिसन मर्सकोले, राजकुमार उइके, बुधराव धाडसे, गीताबाई, रामरति बाई, नामदेव खंडईत, इंद्रदेव मस्की शामिल थे। संगठन के माध्यम से जिले के लगभग 300 ग्राम पंचायत कर्मचारियों ने समस्या का तत्काल निराकरण करने की मांग की है।




