illegal sand mining:मोरंड नदी में बेखौफ हो रहा रेत का खनन, ओवरलोड वाहन बने हादसों का सबब, सड़कें भी हो रहीं छलनी
ग्रामीणों ने माइनिंग इंस्पेक्टर के खिलाफ लगाए आरोप, मृतक मजदूर के परिवार को मुआवजा देने की मांग

बैतूल। शाहपुर ब्लॉक के विभिन्न ग्रामों से बहने वाली मोरंड नदी में अफसरों की लचर कार्यप्रणाली के चलते रेत माफिया बैखोफ होकर नदी को छलनी करने में जुटे हुए हैं। मोरंड नदी से रेत का अवैध खनन बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। अवैध परिवहन से जहां सड़के छलनी हो रही है, वहीं हादसों में भी इजाफा हो रहा है। खनिज विभाग इस पर रोक लगाने में नाकाम हो रहा है। ऐसा नहीं है कि रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी विभाग के अधिकारियों को नहीं है। उनकी नाक के नीचे यह सब हो रहा है। हाल ही में मोरंड नदी से अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे ट्रैक्टर ट्राली के पलटने से एक मजदूर की मौत हो गई।
इस मामले में बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष दिनेश यादव, युवा नेता कमलेश यादव, लोकेश, रोहित मोइली ने कलेक्टर को शिकायत आवेदन प्रेषित कर मृतक मजदूर के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। आवेदन में उन्होंने बताया कि शाहपुर ब्लाक के अंर्तगत आने वाले ग्राम, टांगनामल, धामन्या, सांगवानी, बहलोर, खपरिया, छिन्दी खापा, बीजादेही तथा हरदूढाना से बहने वाली मोरंड नदी से रेत कम्पनी परम डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा वैध अवैध तरीके से रेत खनन कर पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचा रहा हैं। अवैध रेत खनन और उससे होने वाले नुक्सान से ग्रामीण परेशान है। ग्रामीणों द्वारा 181 से लेकर मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर, जिला खनिज अधिकारी और राजस्व अमले से लगातार लिखित शिकायतें कर दी है। शिकायत के बाद माईनिंग इन्स्पेटर भगवंत नागवंशी निरीक्षण पर जाते है और बगैर कार्यवाही लौट आते है। 6 फरवरी को खनिज इंस्पेक्टर भगवंत नागवंशी के लौटने के बाद कामठा माल निवासी अनिल रेत भरने धामन्या गया था जहां उसका ट्रेक्टर गढ्ढे में गिर गया और ट्रेक्टर पर सवार मजदूर रामाधार पिछले चके में दब जाने से उसकी मौत हो गई। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि धामन्या खदान की अनुमति अभी रेत ठेकेदार को प्राप्त नहीं हुई है बावजूद इसके रेत ठेकेदार धामन्या की टोकन पर्ची काट कर दे रहा है। जिससे शासन को लगातार राजस्व की हानि हो रही है। युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने इस मामले में उचित कार्यवाही करने की मांग की है।




