Strict Action : बैतूल में हाथ ठेला माफियाओं पर गिरेगी गाज, कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
पटवारी और सचिव को कार्यालय में बैठने का दिन सुनिश्चित करने के निर्देश

Strict Action : बैतूल : शहर में अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार गुमठी और हाथ ठेला माफिया पर अब प्रशासन के द्वारा कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि बैतूल में हाथ ठेला माफिया के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने नगर पालिका के सीएमओ भदौरिया को कहा कि 20 जनवरी तक हाथ ठेले वालों को चिन्हित करें। जिनके पास एक से अधिक हाथ ठेले हों और उन पर बैतूल के बाहरी निवासी रोजगार कर रहे हैं। बैतूल में लगभग तीन हजार हाथ ठेलों पर व्यवसाय होता है। जिनमें से ज्यादातर पर एक व्यक्ति का मालिकाना हक है। उसके द्वारा जिले के बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर यहां ठेला व्यवसाय के रूप में फल और सब्जी के ठेलों पर विक्रेता के रूप में रखा गया है।
विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि इससे क्रमश: स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर समाप्त होते जा रहे हैं।विधायक कलेक्ट्रेट भवन में आयोजित जनप्रतिनिधियों के साथ विभागवार जिले में चल रही योजनाओं पर बिंदुवार चर्चा कर रहे थे। सांसद उईके ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के रूप में हमारी अपेक्षा है कि 72 घंटे के अंदर प्रतिनिधियों को उसके द्वारा वांछित जानकारी प्राप्त हो जाए। इस अवसर पर सांसद दुर्गादास उईके, विधायक हेमंत खंडेलवाल, चंद्रशेखर देशमुख, डा. योगेश पंडाग्रे, कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अक्षत जैन सहित सभी विभागों के प्रभारी अधिकारी उपस्थित थे।
लेड़दा घाट का करें टेंडर:
सांसद उईके ने कहा कि बैतूल-आशापुर रोड स्थित लेड़दा घाट पर आए दिन दुर्घटना होती हैं। संभवत: उसकी बनावट में दोष है। आए दिन दुर्घटना में होने वाली जन हानि और आर्थिक क्षति से बचाव के लिए बहुत जरूरी है कि लेड़दा घाट की सडक़ का पुर्ननिर्माण कराएं। घाट पर ट्रक एवं बड़ी गाडिय़ां हल्के से टर्न पर अपना बैलेंस खो देती हैं और भारी दुर्घटना हो जाती है। अधिकारियों ने बताया कि पुनर्निर्माण के लिए छह बार टेंडर काल किए गए परंतु निर्माण कंपनियों ने टेंडर नहीं डाले जा सके हैं। निर्माण कंपनी द्वारा टेंडर प्राप्त होने पर निर्माण कार्रवाई प्रारंभ की जा सकेगी।
विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 25 करोड़ रुपये के टेंडर को क्लब करके 50 करोड़ रुपये के टेंडर में तब्दील कर लिया जाता है। फिर कंपनी विशेष को काम के लिए आदेश दिया जाता है। बड़ी कंपनियां कार्यादेश तो ले लेती हैं परंतु समय पर काम पूरा नहीं करती। कलेक्टर सूर्यवंशी द्वारा इसे गंभीर त्रुटि की श्रेणी में रखते हुए ऐसे टेंडर प्रकरणों पर बिंदुवार जानकारी मांगी गई है। लोक निर्माण विभाग द्वारा नल जल योजना के तहत सडक़ के किनारे पर गहरी लाइन खोदे जाने से सडक़ के डैमेज होने की शिकायत की गई है। उन्होंने कहा कि नल-जल कार्य विभाग द्वारा बिना अनुमति सडक़ किनारे खुदाई की गई। उन्होंने कार्यस्थल का वीडियो प्रस्तुत किया जिस पर कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश प्रदान की।
नवनिर्मित स्थलों पर शिलालेख लगवाएं:
विधायक खंडेलवाल ने कहा कि जिले में अनेक नए निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने हैं, जिनका भूमि पूजन तो हो चुका है। परंतु ऐसे स्थलों पर शिलालेख लगवाएं जाने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। जन प्रतिनिधियों के माध्यम से शिलालेख लगवाए जाने से ऐसे निर्माण कार्य जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में भी आएंगे, जिससे वे उनका समय पर निरीक्षण भी कर सकेंगे।
सर्किट हाउस का करें कायाकल्प:
घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा उईके ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस की दशा ठीक नहीं है। उसमें रिनोवेशन का कार्य करवाया जाए। कलेक्टर ने भैंसदेही के साथ बैतूल सर्किट हाउस के रिनोवेशन के भी निर्देश प्रदान किए। सांसद एवं विधायकों का कहना था कि चाहे नल जल योजना हो, हैंडपंप लगाने की बात हो, सिंचाई से संबंधित कार्रवाई हो अथवा विद्युत संबंधी काम हो अधिकारियों को चाहिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें।




